
उत्तराखंड के ज्योतिर्मठ तहसील क्षेत्र में तमक नाले में लापता हुए बीआरओ चालक पंकज रुधौला की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। ग्राम लोंग सेगड़ी के पास अतिवृष्टि के बाद नाले में आए तेज बहाव और मलबे की चपेट में आने के बाद पंकज लापता हुए थे।
लापता चालक की तलाश में प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सीमा सड़क संगठन और गढ़वाल राइफल्स के जवान लगातार सर्च ऑपरेशन में जुटे हैं। नाले के आसपास मलबे, बोल्डर, जलधारा और किनारों को एक-एक कर खंगाला जा रहा है।
रेस्क्यू अभियान में दो 20 टन क्षमता के एक्सकेवेटर और एक सात टन क्षमता का एक्सकेवेटर लगाया गया है। गढ़वाल राइफल्स के 25 से ज्यादा जवान और बीआरओ की 123 इकाई के 20 से अधिक जवान मौके पर तैनात हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी तलाशी अभियान चला रही हैं। सर्च डॉग और ड्रोन की भी मदद ली जा रही है। दुर्गम इलाकों में ड्रोन से निगरानी की जा रही है, जबकि दो सर्च एंड रेस्क्यू डॉग मलबे और आसपास के हिस्सों में तलाश कर रहे हैं।
भारी बोल्डरों और मलबे को एक्सकेवेटर से हटाया जा रहा है, जिसके बाद बारीकी से जांच की जा रही है। जिला प्रशासन पूरे अभियान की निगरानी कर रहा है और रेस्क्यू टीमों को जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
10 अगस्त को चमोली जिले के ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर तमकनाला में अचानक अत्यधिक जलप्रवाह बढ़ने से 123 बीआरटीएफ द्वारा निर्मित वैली ब्रिज बह गया था। तेज बहाव में एक व्यक्ति और एक कैंपर वाहन बह गए थे, जिससे ग्रामीणों का ज्योतिर्मठ से संपर्क टूट गया था।



