बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की 125 वी जयन्ती

download (31)14 अप्रैल को बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की 125 वी जयन्ती है ।इनके बारे मे कुछ तथ्य
संक्षिप्त में बतानेका प्रयास किया है।

भारत में पहले लड़कियों को कोई अधिकार नहीं थे. पढ़ने, नौकरी के बारे में तो छोड़िये उन्हें घर से बाहर निकलने की भी पाबन्दी थी. बस घर और चूल्हा यही उनकी हद थी.

1.उन्होंने भारत में प्रथम लड़कियों को स्त्रियों को पुरुषो के बराबरी के हक़ देने के लिए हिन्दू कोड बिल लिखा.

२.भारत मे महिलाओ प्रसूति अवकाश को वेतनी छुट्टियों का हक़ दिया.

३.लड़कियों को लड़को के बराबर समानता दी.
लड़कियों को पढ़ने का हक़ दिलाया.

4.लड़कियों को प्रॉपर्टी में लडको के बराबर की हिस्सेदारी दी.
5.लड़कियों को नौकरी में भागीदारी दी.

6. एक पति के लिए एक पत्नी का अधिकार और दूसरी पत्नी के आते ही अपने पति से हिस्से का अधिकार प्राप्त करके दिया.

7. लड़कियों को आज़ादी से जीने का अधिकार दिया.

8.अपने शोषण के खिलाफ आदालत में जाने का अधिकार दिया.

9. अपनी मर्ज़ी से शादी का अधिकार दिया.

10. वोट देने का अधिकार दिया.

11. भारत में प्रथम अर्थशाश्त्र की नीव रखी.

12. भारत में प्रथम जलनीति तैयार की.

१3. भारत में प्रथम परिवार नियोजन का नारा दिया.

14. भारत के हर एक नागरिक को मतदान का हक़ दिया.

15. भारत में बालमजदूरी पर रोक लगायी.

16. भारत से उच्च नीच जातिवाद की गुलामी से मुक्त किया.

17. भारत से साहूकारी, बेगारी पद्धति को बंद किया.

18.देश के संविधान से सामाजिक एवम भौगोलिक विविधता वाले देश को एक बनाये रखा.

19. देश के 85% जनता को समानता का अधिकार दिया.

21. दलितों पर से अलग अलग तरह के प्रतिबंद हटाये.
सभी को समान अवसर एवम सुविधा उपलब्ध करायी.

22. सभी को अपना धर्म चुनने की आजादी दी.

23. सभी को शिक्षा का अवसर प्रदान किया.

24. रिजर्व ऑफ इंडिया की स्थापना उन्ही के संकल्पना में हुयी, इस बैंक की स्थापना में उनका ही महत्वपूर्ण योगदान रहा. उन्ही के लिखित ”दि प्राब्लेम ऑफ दी रुपी” इस प्रबंध के आधार पर रिझर्व बँक ऑफ इंडिया के रूल्स और रेग्युलेशन बनाये गए..

25. महाराष्ट्र राज्य के निर्माण मे इनका महत्व पुर्ण योगदान है

26. हीराकुण्ड बांध,भाखड़ा बांध, दामोदर बांध और सन प्रकल्प के निर्माते भी वही थे,
कोसी नदी पे धरना बांधो बिहार में कभी बाढ़ नहीं आएगी ये बताने वाले भी वही थे.

26. उन्होंने देश के मजूर मंत्री रहते वक़्त शिष्यवृत्ति योजना बनायीं. इससे हजारो टेक्निकल विद्यार्थी विदेश में पढ़ने जाते है.

27. मजूरों को पहले 12 घंटे काम करना पड़ता था. उसे घटाकर उन्होंने 8 घंटे कर दिया और इसके ऊपर के काम के लिए घंटे के हिसाब से अलग पैसे देने का प्रावधान किया.

28. ऊर्जा निर्मिति व्यवस्था के लिए उन्होंने “सेन्ट्रल टेक्निकल पॉवर बोर्ड CTPB की स्थापना की थी.

29. उन्हीने अपनी बुद्धि और परिश्रम से सिंचन और बंधारो के लिए आयोग की स्थापना की थी. क्यों की इनपे आर्थिक भर रहता है.

30. पानी के व्यवस्थापन के लिए, नैसर्गिक संसाधन, कोयला खान प्रकल्प के लिए उनका ही परिश्रम कारणीभूत है..

31. खेती, उद्योग, कारखानो के विकास और पुनर्वसन के लिए RCC reconstruction committee council की स्थापना की गयी थी वे वह सभासद थे. इसमें उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा.

32. उन्होंने ही पहले ही बिहार और MP के दो पटना रांची और दक्षिण उत्तर ऐसे भाग करने को कहा था. ताकि इन राज्यों का विकास हो सके. 45 साल बाद छत्तीसगढ़ और झारखण्ड अलग किये गए.

33. शिक्षक देश की रीढ़ की हड्डी है इसलिए उन्हें ज्यादा वेतन तनख्वाह मिले ये भी उन्हीने कहा था.

34. देश में कोयले की बिजली नहीं चलेगी उसके बदले सौरऊर्जा का इस्तेमाल करके जल विद्युत प्रकल्प खड़े करने को कहा था.

35. उनके बेटे ने भ्रष्टाचार किया तो खुद के पेपर में खुद के बेटे पे निंदा टिपणी करके भ्रष्टाचार विरोधी होने का सबूत दिया.

36. लड़कियों का गर्भपात न करे ये बताने वाले भी वही थे.

37. किताबों के लिए स्पेशल घर बनाया ।
38. देश को उपराजधानी चाहिए ये बताने वाले भी वही थे.

39. मुझे कायदे मंत्री नहीं बनाना मुझे कृषि मंत्री बनके किसानों को न्याय मिलाके देना है. किसानो का राज्य लाना है ये कहने वाले भी वही थे.

40. कोकण में खोती का आंदोलन करने वाले भी वही थे.

43. वो एकमात्र ऐसे भारतीय थे जिन्हे गोलमेज परिषद में आने के लिए विशेष आमंत्रण दिया जाता.
वो एक मात्र नेता है जिन्होंने

44. लड़कियों के हक़ के लिए उनके सम्मान के लिए अपने मंत्र पद से इस्तीफा दिया था.

45. दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला अमेरिका देश भी उनके लिखित अर्थशास्त्र पर चलता है.

वो एक अच्छे व्होलीयोन वादक भी थे. एक शिल्पकार, चित्रकार भी थे ये बात तो बहुत से लोगों को भी पता नहीं.

46. उन्हें टोटल आठ भाषाए आती थी. हिंदी, अंग्रेजी, मराठी, संस्कृत, गुजरती, पारसी, जर्मन, फ्रेंच. इसके आलावा उन्होंने पाली व्याकरण और शब्दकोष भी लिखी थी.

47. उन्होंने संसद में पेश किए हुए विधेयक महार वेतन बिल, हिन्दू कोड बिल, जनप्रतिनिधि बिल, खोती बिल, मंत्रीओं का वेतन बिल, मजदूरों के लिए वेतन (सैलरी) बिल, रोजगार विनिमय सेवा, पेंशन बिल , भविष्य निर्वाह निधी (पी.एफ्.). इनके अलावा मानवी अधिकारों के लिए कई सत्याग्रह किये. उसके साथ ही कई सामाजिक संघटन भी स्थापित किये, उन्हें प्राप्त सम्मान
1) भारतरत्न
2) The Greatest Man in the World (Columbia
University)
3) The Universe Maker (Oxford University)
4) The Greatest Indian (CNN IBN & History Tv,

Jaibhim Dear friends
बाबासाहब अंबेडकर आठ भाषाएँ जानते थे।
1) मराठी (मातृभाषा)
2) हिन्दी
3) संस्कृत
4) गुजराती
5) अंग्रेज़ी
6) पारसी
7) जर्मन
8) फ्रेंच
डाॅ.बाबासाहब अंबेडकर जी को पाली भाषा
भी आती थी। उन्होंने
पाली व्याकरण और शब्दकोष (डिक्शनरी)
भी लिखी थी जो महाराष्ट्र
सरकार ने Dr.Babasaheb Ambedkar Writing and
Speeches Vol.16 में प्रकाशित की हैं।
*** बाबासाहब अंबेडकर जी ने संसद में पेश किए हुए
विधेयक
महार वेतन बिल
हिन्दू कोड बिल
जनप्रतिनिधि बिल
खोती बिल
मंत्रीओं का वेतन बिल
मजदूरों के लिए वेतन (सैलरी) बिल
रोजगार विनिमय सेवा
पेंशन बिल
भविष्य निर्वाह निधी (पी.एफ्.)
*** बाबासाहब के सत्याग्रह (आंदोलन)
1) महाड आंदोलन 20/3/1927
2) मोहाली (धुले) आंदोलन 12/2/1939
3) अंबादेवी मंदिर आंदोलन 26/7/1927
4) पुणे कौन्सिल आंदोलन 4/6/1946
5) पर्वती आंदोलन 22/9/1929
6) नागपूर आंदोलन 3/9/1946
7) कालाराम मंदिर आंदोलन 2/3/1930
8) लखनौ आंदोलन 2/3/1947
9) मुखेडका आंदोलन 23/9/1931
*** बाबासाहब अंबेडकर द्वारा स्थापित सामाजिक संघटन
1) बहिष्कृत हितकारिणी सभा – 20 जुलै 1924
2) समता सैनिक दल – 3 मार्च 1927
राजनीतिक संघटन
1) स्वतंत्र मजदूर पार्टी – 16 अगस्त 1936
2) शेड्युल्ड कास्ट फेडरेशन- 19 जुलै 1942
3) रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया- 3 अक्तूबर 1957
धार्मिक संघटन
1) भारतीय बौद्ध महासभा – 4 मई 1955
शैक्षणिक संघटन
1) डिप्रेस क्लास एज्युकेशन सोसायटी- 14 जून
1928
2) पीपल्स एज्युकेशन सोसायटी- 8 जुलै
1945
3) सिद्धार्थ काॅलेज, मुंबई- 20 जून 1946
4) मिलींद काॅलेज, औरंगाबाद- 1 जून 1950
अखबार, पत्रिकाएँ
1) मूकनायक- 31 जनवरी 1920
2) बहिष्कृत भारत- 3 अप्रैल 1927
3) समता- 29 जून 1928
4) जनता- 24 नवंबर 1930
5) प्रबुद्ध भारत- 4 फरवरी 1956
*** बाबासाहब अंबेडकर जी ने अपने जिवन में विभिन्न
विषयों पर 527 से ज्यादा भाषण दिए।
***बाबासाहब अंबेडकर को प्राप्त सम्मान
1) भारतरत्न
2) The Greatest Man in the World (Columbia
University)
3) The Universe Maker (Oxford University)
4) The Greatest Indian (CNN IBN & History Tv
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*** बाबासाहब अंबेडकर जी इनकी
निजी किताबें (उनके पास थी)
1) अंग्रेजी साहित्य- 1300 किताबें
2) राजनिती- 3,000 किताबें
3) युद्धशास्त्र- 300 किताबें
4) अर्थशास्त्र- 1100 किताबें
5) इतिहास- 2,600 किताबें
6) धर्म- 2000 किताबें
7) कानून- 5,000 किताबें
8) संस्कृत- 200 किताबें
9) मराठी- 800 किताबें
10) हिन्दी- 500 किताबें
11) तत्वज्ञान (फिलाॅसाफी)- 600 किताबें
12) रिपोर्ट- 1,000
13) संदर्भ साहित्य (रेफरेंस बुक्स)- 400 किताबें
14) पत्र और भाषण- 600
15) जिवनीयाँ (बायोग्राफी)- 1200
16) एनसाक्लोपिडिया ऑफ ब्रिटेनिका- 1 से 29 खंड
17) एनसाक्लोपिडिया ऑफ सोशल सायंस- 1 से 15 खंड
18) कैथाॅलिक एनसाक्लोपिडिया- 1 से 12 खंड
19) एनसाक्लोपिडिया ऑफ एज्युकेशन
20) हिस्टोरियन्स् हिस्ट्री ऑफ दि वर्ल्ड- 1 से 25
खंड
21) दिल्ली में रखी गई किताबें- बुद्ध
धम्म, पालि साहित्य, मराठी साहित्य- 2000 किताबें
22) बाकी विषयों की 2305 किताबें
बाबासाहब जब अमेरिका से भारत लौट आए तब एक बोट दुर्घटना में
उनकी सैंकडो किताबें समंदर मे डूबी।
*** बाबासाहब अंबेडकर जी
1) महान समाजशास्त्री
2) महान अर्थशास्त्री
3) संविधान शिल्पी
4) आधुनिक भारत के मसिहा
5) इतिहास के ज्ञाता और रचियाता
6) मानवंशशास्त्र के ज्ञाता
7) तत्वज्ञानी (फिलाॅसाॅफर)
8) दलितों के और महिला अधिकारों के मसिहा
9) कानून के ज्ञाता (कानून के विशेषज्ञ)
10) मानवाधिकार के संरक्षक
11) महान लेखक
12) पत्रकार
13) संशोधक
14) पाली साहित्य के महान अभ्यासक
(अध्ययनकर्ता)
15) बौध्द साहित्य के अध्ययनकर्ता
16) भारत के पहले कानून मंत्री
17) मजदूरों के मसिहा
18) महान राजनितीज्ञ
19) विज्ञानवादी सोच के समर्थक
20) संस्कृत और हिन्दू साहित्य के गहन अध्ययनकर्ता थे।

उनके कुछ खास पहलु ,

1) पाणी के लिए आंदोलन करनेवाले विश्व के पहले महापुरु)

2. लंदन विश्वविद्यालय के पुरे लाईब्ररी के किताबों की छानबीन कर उसकी जानकारी रखनेवाले एकमात्र महामानव,

3) लंदन विश्वविद्यालय के 200 छात्रों में नअबर 1 का छात्र होने का सम्मान प्राप्त होनेवाले पहले भारतीय,

4) विश्व के छह विद्वानों में से एक,

5) विश्व में सबसे अधिक पुतले बाबासाहब अंबेडकर जी के हैं।,

6) लंदन विश्वविद्यालय मे डी.एस्.सी. यह उपाधी पानेवाले पहले और आखिरी भारतीय,

7) लंदन विश्वविद्यालय का 8 साल का पाठ्यक्रम 3 सालों मे पूरा करनेवाले महामानव

नेल्सन मंडेला ने कहा कि भारत के पास से एक चीज लेने लायक है और वो है भारत का संविधान

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