
भारत के विदेश मंत्रालय के पश्चिमी सचिव सिबी जॉर्ज ने नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान प्रेस फ्रीडम, अल्पसंख्यक अधिकारों और मानवाधिकारों को लेकर उठाए गए सवालों का सख्त जवाब दिया।
एक नॉर्वेजियन महिला पत्रकार के बार-बार बीच में बोलने और भारत पर सवाल उठाने पर सिबी जॉर्ज ने कहा कि विदेशी आलोचक अक्सर “godforsaken, ignorant NGOs” द्वारा प्रकाशित एक-दो रिपोर्टों को पढ़कर भारत के बारे में राय बना लेते हैं।
सिबी जॉर्ज ने कहा:
- भारत की स्केल और जटिलता को समझे बिना आलोचना करना गलत है।
- दिल्ली में ही 200 से ज्यादा टीवी चैनल हैं, हर दिन सैकड़ों खबरें आती हैं।
- भारत का संविधान सभी नागरिकों को मौलिक अधिकार देता है।
- 1947 में ही महिलाओं को वोट का अधिकार दिया गया, जबकि कई देशों में यह दशकों बाद आया।
सिबी जॉर्ज ने कहा कि भारत में सरकार बदलने और वोट देने का अधिकार ही मानवाधिकारों का सबसे बड़ा उदाहरण है।
यह घटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नॉर्वे यात्रा के दौरान हुई, जब पत्रकार ने भारत पर भरोसा करने का सवाल उठाया।



