
दिल्ली पुलिस ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से राष्ट्रीय राजधानी में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की तैनाती को 12 अक्टूबर की समय सीमा से आगे बढ़ाकर 20 अक्टूबर तक बढ़ाने का अनुरोध किया है। यह अनुरोध 273 कंपनियों के लिए है जिन्हें पुलिस संभावित विरोध प्रदर्शनों से निपटने के लिए तैनात रखना चाहती है। CJP और अन्य संगठनों द्वारा संभावित प्रदर्शनों को लेकर चिंताओं के मद्देनजर पुलिस ने समय सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों द्वारा संभावित रूप से निशाना बनाए जा सकने वाले कई स्थानों की पहचान की है और कहा है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त तैनाती की आवश्यकता है।
दिल्ली पुलिस को सीएपीएफ कर्मियों की अधिक आवश्यकता क्यों है?
दिल्ली को कुल 301 सीएपीएफ कंपनियों की मंजूरी दी गई है। इनमें से 221 को 6 अक्टूबर को और 80 को 8 अक्टूबर को मंजूरी दी गई। हालांकि, इन 80 अतिरिक्त कंपनियों में से 28 ने 12 अक्टूबर तक दिल्ली पुलिस को रिपोर्ट नहीं की थी। दिल्ली पुलिस ने गृह मंत्रालय को लिखे पत्र में मौजूदा समय सीमा के बाद भी 273 पुलिस कंपनियों की तैनाती जारी रखने का अनुरोध किया है। इस अनुरोध का उद्देश्य कानून व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी संभावित स्थिति से निपटने में पुलिस बल की सहायता करना है।
विरोध प्रदर्शन होने की संभावना वाले स्थान
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर, चुनाव आयोग, संसद भवन और इंडिया गेट सहित विभिन्न स्थानों पर CJP और अन्य समूहों द्वारा संभावित प्रदर्शनों को लेकर चिंता जताई है। पत्र में मंत्रियों के कार्यालयों और आवासों के बाहर विरोध प्रदर्शन की संभावना का भी उल्लेख किया गया है। पुलिस ने सीएपीएफ की तैनाती बढ़ाने की मांग के कारणों में भीम आर्मी, छात्र संगठनों और अन्य राजनीतिक समूहों द्वारा संभावित प्रदर्शनों का भी उल्लेख किया है।




