केंद्र सरकार ने कफ सिरप समेत सभी सिरप की बिक्री पर बड़ी सख्ती कर दी है। अब इन दवाओं को खरीदने के लिए डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन अनिवार्य कर दिया गया है।
ड्रग्स रूल्स, 1945 में संशोधन करते हुए शेड्यूल K से “Syrups” शब्द हटा दिया गया है। इस बदलाव से सिरप अब ओवर-द-काउंटर (बिना प्रिस्क्रिप्शन) उपलब्ध नहीं रहेंगे।
क्यों लिया गया यह कदम?
यह फैसला मध्य प्रदेश और राजस्थान में दूषित कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामलों के बाद लिया गया है। सरकार का मकसद दवाओं की सुरक्षा, गुणवत्ता और नियमन को और मजबूत करना है।
असर
- फार्मेसियों से सिरप खरीदने के लिए अब रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर का प्रिस्क्रिप्शन दिखाना जरूरी होगा।
- 9 जून 2026 की अधिसूचना के अनुसार यह नियम तुरंत लागू हो गया है।
सरकार ने दिसंबर 2025 में जारी ड्राफ्ट नियमों पर प्राप्त सुझावों और आपत्तियों पर विचार करने के बाद यह संशोधन किया है।



