
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को कहा कि कांग्रेस का पार्टी कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के केवल दो पद गाने का फैसला “राष्ट्रविरोधी” है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हमेशा से अपनी तुष्टिकरण राजनीति के लिए ऐसे कदम उठाती रही है।
पत्रकारों से बात करते हुए सीएम ने कहा, “कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा वंदे मातरम् को आंशिक रूप से गाने का फैसला राष्ट्रविरोधी है और उन शहीदों के सपनों पर प्रहार है, जिन्होंने देश के लिए मुस्कुराते हुए फांसी के फंदे को गले लगाया।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पहले भी तुष्टिकरण के लिए वंदे मातरम् को बांटा था और अब फिर लगता है कि पूरा गाने से भारत के देव-देवियों की स्तुति हो जाएगी।
सीएम ने कांग्रेस के प्रदेश नेताओं पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अपनी पार्टी नेतृत्व से पूछना चाहिए कि देवभूमि उत्तराखंड में देवी-देवताओं की पूजा नहीं करनी चाहिए क्या। यहां मां नंदा-सुनंदा, मां दुर्गा, मां पूर्णागिरी, मां धारी देवी और मां ज्वाल्पा देवी सहित कई पवित्र स्थल हैं। उन्हें पूछना चाहिए कि क्या वोट हासिल करना ही अंतिम प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि संसद द्वारा पारित कानून की अनदेखी राष्ट्रविरोधी भावना को दर्शाती है और करोड़ों नागरिकों को कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाना चाहिए।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने भी कांग्रेस की नीति को राष्ट्रविरोधी और असंवैधानिक बताया। उन्होंने इसे राष्ट्रगीत और भारत माता का अपमान करार देते हुए तुष्टिकरण की पराकाष्ठा बताया। भट्ट ने आरोप लगाया कि पहले कांग्रेस ने वंदे मातरम् के अपमान की घटना को पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी लाने से जोड़ा था, लेकिन अब कार्यसमिति के प्रस्ताव के जरिए इसे आधिकारिक पार्टी नीति बना लिया है।



