
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार की सुबह उधम सिंह नगर जिले में स्थित सिखों के पवित्र और ऐतिहासिक तीर्थ स्थल गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ गुरुद्वारे में मत्था टेककर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और शांति के लिए वाहेगुरु के सामने अरदास की, बल्कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत समाज के सामने एक बेहतरीन मिसाल भी पेश की।
मुख्यमंत्री ने खुद अपने हाथों में झाड़ू थामकर गुरुद्वारा परिसर में साफ-सफाई की। सूबे के मुखिया को अचानक एक आम सेवादार की तरह श्रमदान करते देख वहां मौजूद श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक भी प्रेरित हुए और पूरे उत्साह के साथ इस स्वच्छता कार्य का हिस्सा बन गए।
दरअसल, पूरे उत्तराखंड में इन दिनों जनसेवा और साफ-सफाई को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष मुहिम चलाई जा रही है। मुख्यमंत्री का यह श्रमदान उसी मुहिम का एक अहम हिस्सा था। दरबार साहिब में मत्था टेकने के बाद, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने अपनी धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए मुख्यमंत्री धामी को सरोपा पहनाया और स्मृति चिह्न भेंट कर उन्हें सम्मानित किया। सम्मान ग्रहण करने के तुरंत बाद सीएम धामी सीधे वहां मौजूद सेवादारों के बीच पहुंच गए और पूरी आस्था व विनम्रता के साथ परिसर को साफ करने में अपना सहयोग दिया।
परिसर में श्रमदान करने के बाद वहां उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने स्वच्छता को लेकर एक बहुत ही स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि साफ-सफाई का कार्य महज सरकारी आयोजनों, रस्म अदायगी या सिर्फ फोटो खिंचवाने तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए। इसे समाज के हर एक नागरिक को अपनी रोजमर्रा की आदतों और जीवनशैली का अनिवार्य हिस्सा बनाना होगा। धामी ने याद दिलाया कि देवभूमि उत्तराखंड अपनी अलौकिक प्राकृतिक सुंदरता और पवित्र धामों के कारण देश-दुनिया के लाखों श्रद्धालुओं व पर्यटकों की पहली पसंद है।
उन्होंने आमजन को उनके नैतिक दायित्व का बोध कराते हुए कहा कि नानकमत्ता साहिब जैसे पवित्र धार्मिक व आध्यात्मिक स्थलों के साथ-साथ रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, अस्पतालों और सरकारी दफ्तरों को स्वच्छ रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। जब बाहरी राज्यों या विदेशों से आने वाले यात्री देवभूमि में एक साफ-सुथरा और पवित्र माहौल देखते हैं, तो इससे पूरे राज्य की छवि निखरती है और हर उत्तराखंडी का मान बढ़ता है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ का मुख्य उद्देश्य सिर्फ कोई सरकारी औपचारिकता पूरी करना नहीं है, बल्कि नए विचारों, संवाद और जनता की सीधी भागीदारी के जरिए समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक इस मुहिम को पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज का हर वर्ग अपनी जिम्मेदारी समझते हुए खुद आगे नहीं आएगा, तब तक स्वच्छता को एक स्थायी संस्कार के रूप में विकसित नहीं किया जा सकता। नानकमत्ता साहिब में हुआ यह कार्यक्रम जनभागीदारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री के साथ शासन-प्रशासन और समाज से जुड़े कई प्रमुख लोग भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इनमें जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रेम सिंह टुरना और पूर्व विधायक प्रेम सिंह राणा प्रमुख रूप से शामिल थे।
वहीं प्रशासनिक मोर्चे पर जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय गणपति और मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) दिवेश शासनी मुस्तैद नजर आए। इसके अलावा, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार जोगेंद्र सिंह व महासचिव सरदार अमरजीत सिंह बोपराय सहित बड़ी संख्या में सिख संगत ने भी मुख्यमंत्री के साथ कदम से कदम मिलाते हुए इस पुनीत सेवा कार्य में अपना सहयोग दिया।




