
केंद्र सरकार ने शनिवार को शहरी अप्रवासन अधिनियम (UAPA ) के तहत 23 व्यक्तियों को आतंकवादी घोषित किया। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस संबंध में 4 जुलाई, 2026 को एक राजपत्र अधिसूचना जारी की। अधिसूचना में जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) और लश्कर-ए-तैबा (एलईटी) से जुड़े कई पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों के नाम शामिल हैं। गृह मंत्रालय ने कहा कि ये व्यक्ति कथित तौर पर जम्मू-कश्मीर में आतंकी भर्ती, घुसपैठ, प्रशिक्षण, ड्रोन के माध्यम से हथियारों की आपूर्ति और हमलों की योजना बनाने में शामिल थे।
इन 23 व्यक्तियों में से तीन कथित तौर पर लश्कर-ए-तैबा के संस्थापक हाफिज मोहम्मद सईद के करीबी सहयोगी हैं, तीन कथित तौर पर 2016 में नग्रोटा में एक सेना शिविर पर हुए आतंकी हमले में शामिल थे, और दो कथित तौर पर 2018 में सुनजवान सैन्य स्टेशन पर हुए आतंकी हमले में शामिल थे। गृह मंत्रालय ने अधिसूचना में सईद के करीबी सहयोगियों की पहचान अब्दुल रऊफ, हाफिज खालिद वलीद और राणा इफ्तिखार के रूप में की है, जो युवाओं को आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए प्रेरित करता है और हाफिज सईद का करीबी सहयोगी है।



