सीबीआई ने 1.5 करोड़ रिश्वत मामले में IRS अधिकारी प्रभा भंडारी को गिरफ्तार किया, रिकॉर्डेड कॉल से हुआ बड़ा खुलासा

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने झांसी में सेंट्रल जीएसटी विभाग में बड़े रिश्वतखोरी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। 2016 बैच की आईआरएस अधिकारी और सीजीएसटी की डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी को 1.5 करोड़ रुपये की रिश्वत की डील के मास्टरमाइंड होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

यह गिरफ्तारी एक रिकॉर्डेड फोन कॉल के आधार पर हुई, जिसमें प्रभा भंडारी ने 70 लाख रुपये की पहली किस्त मिलने पर “बहुत अच्छा” कहा और इसे सोने में बदलकर देने के निर्देश दिए।

सीबीआई के अनुसार, मामला 19 दिसंबर 2025 को शुरू हुआ जब प्रभा भंडारी के नेतृत्व में जीएसटी टीम ने झांसी की जय दुर्गा हार्डवेयर फर्म पर छापा मारा। छापे में करीब 13 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी के संकेत मिले। इसके बाद फर्म को मामले को “सेटल” करने के लिए 1.5 करोड़ रुपये की रिश्वत की डिमांड की गई।

30 दिसंबर को सीबीआई ने ट्रैप लगाया और जीएसटी सुपरिंटेंडेंट अनिल तिवारी तथा अजय कुमार शर्मा को 70 लाख रुपये की पहली किस्त लेते रंगे हाथों पकड़ा। पूछताछ में दोनों ने प्रभा भंडारी को मुख्य आरोपी बताया। इसके बाद सीबीआई ने एक सुपरिंटेंडेंट से निगरानी में प्रभा भंडारी को फोन कराया, जहां उन्होंने रिश्वत की पुष्टि की और सोने में बदलने का निर्देश दिया। यह कॉल रिकॉर्डिंग अब मामले का सबसे मजबूत सबूत है।

प्रभा भंडारी उस समय दिल्ली में थीं, जहां से उन्हें गिरफ्तार किया गया। साथ ही झांसी में उनके फ्लैट पर छापेमारी की गई। सीबीआई ने कुल 1.6 करोड़ रुपये नकद, सोना-चांदी, ज्वेलरी और संपत्ति के दस्तावेज बरामद किए। मामले में फर्म मालिक राजू मंगतानी और मध्यस्थ वकील नरेश कुमार गुप्ता को भी गिरफ्तार किया गया है।

सीबीआई की जांच जारी है और अन्य संलिप्त लोगों की तलाश की जा रही है।

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