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बोन फ्रेक्चर होने पर डॉक्टरी इलाज के बजाय शुरू करें घरेलू उपचार

आजकल की लाइफ में छोटी मोटी चोट लगना लाजमी है। कभी सड़क पर चलते वक्स अचानक से पैर मुड़ जाता है तो कभी आप गिर जाते हैं। ऐसे में आप घबराकर तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहते हैं। लेकिन डॉक्टर के पास इस समस्या का केवल एक ही उपाय है और वो है ‘प्लासतर’ । हड्डी के टूट जाने से उसमें बहुत तेज दर्द, सूजन और मूवमेंट में दिक्कत आती है। इसके लिए कुछ घरेलू उपायों की मदद ली जा सकती है जो काफी प्रभावी होता है। तो आइये आपको उन घरेलू उपायों के बारे में बताते हैं जो हड्डी में फ्रेक्चर होने पर दर्द को कम करने में मदद करते हैं।

डॉक्टर

सरसों का तेल

सरसों का तेल हड्डियों को मजबूती देने के लिए सर्वश्रेष्ठ है। सरसों के तेल में एंटी-इंफ्लेमेटरी के गुण होते हैं। इसके इस्तेमाल के लिए तेल को गर्म करके उसे प्रभावित स्थान पर लगाकर धीमी मसाज करें। इस प्रकिया को दिन में 2-3 बार करना चाहिए। सरसों के तेल से मसाज करने पर दर्द में जल्द ही फायदा होगा।

बर्फ लगाएं

2-3 आइस क्यूब को एक साफ कपड़े में लपेट लें। दर्द को दूर करने के लिए इस कपड़े को प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं। इससे दर्द के साथ सूजन भी कम होती है। इस प्रक्रिया को दिन में 3-4 बार करें। ध्यान रहें कि बर्फ को सीधे प्रभावित क्षेत्र पर ना लगाएं इससे जलन हो सकती है। बर्फ को हमेशा कपड़े में लपेट के ही लगाएं।

कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ

कैल्शियम हड्डियों की मजबूती के लिए काफी अच्छा माना जाता है। 30 की उम्र के बाद से डॉक्टर भी कैल्शियम लेने की सलाह देते हैं। जब भी हड्डी में फ्रेक्चर हो तो कोशिश करें कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन बढ़ा दें। डेयरी प्रोडक्ट, हरी सब्जियां कैल्शियम के स्त्रोत हैं।

अनानास

ताजे अनानास का सेवन फ्रेक्चर के दौरान सूजन और इंफेक्शन को कम करता है। अनानास में ब्रोमेलिन नामक एंजाइम का उच्च स्त्रोत होता है। इसके लिए अनानास का सेवन रोजाना करें। ताजा अनानास ही खाएं इसके जूस का सेवन ना करें।

हल्दी

हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-सेप्टिक गुण होते हैं फ्रेक्चर के दौरान होने वाले दर्द को दूर करने मे हल्दी बहुत फायदेमंद होती है। इसका सेवन कई तरह से किया जा सकता है। आप हल्दी वाला दूध या हल्दी प्याज के पेस्ट को 1-2 दिन तक फ्रेक्चर वाले क्षेत्र में लगा सकते हैं।

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