
बॉलीवुड अभिनेता ऋतिक रोशन के एक हालिया कमेंट ने एक महीने पुराने राजनीतिक विवाद को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। दरअसल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने महिलाओं से ‘पितृसत्ता को खत्म करने’ (स्मैश द पैट्रिआर्की) का आह्वान किया था, जिसके जवाब में भारतीय जनता पार्टी की सांसद बांसुरी स्वराज ने उन्हें पूरा ‘वंदे मातरम’ गाने की चुनौती दे डाली थी।
इस अजीबोगरीब संबंध पर सवाल उठाते हुए ऋतिक रोशन ने कांग्रेस नेता रुचिरा चतुर्वेदी द्वारा साझा किए गए बांसुरी स्वराज के एक वीडियो पर हैरानी जताते हुए लिखा, “हह? क्या यह सच है। वाओ (Huh? Is this real. Wow)।” ऋतिक के इस पांच शब्दों के रिएक्शन ने सोशल मीडिया पर इस बहस को फिर से जिंदा कर दिया है कि आखिर पितृसत्ता से लड़ने का वंदे मातरम गाने से क्या सीधा संबंध हो सकता है।
इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि अगस्त महीने की है, जब राहुल गांधी ने पुणे में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में युवतियों की एक बड़ी सभा को संबोधित किया था। अपने भाषण में उन्होंने ‘मनुस्मृति की मानसिकता’ की कड़ी आलोचना करते हुए महिलाओं से पितृसत्ता को जड़ से उखाड़ फेंकने का आग्रह किया था। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान पर भी सवाल उठाए थे, जिसमें पीएम ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान लड़कियों द्वारा अपशब्दों के इस्तेमाल पर ‘सांस्कृतिक झटका’ (कल्चरल शॉक) लगने की बात कही थी।
राहुल ने पूछा था कि जब लड़के अपशब्द कहते हैं तो कोई समस्या नहीं होती, लेकिन लड़कियों के ऐसा करने पर इसे अलग नजरिए से क्यों देखा जाता है। उन्होंने इस सोच को पितृसत्तात्मक करार देते हुए कहा था कि यह व्यवस्था महिलाओं को डराती है, नियंत्रित करती है और उन्हें पिंजरे में कैद रखना चाहती है, इसलिए इसे तोड़ना बेहद जरूरी है।
राहुल गांधी के इस बयान के बाद भाजपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी, लेकिन नई दिल्ली से भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज की चुनौती सबसे अनोखी थी। एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा था कि अगर वह सच में पितृसत्ता को खत्म करना चाहते हैं, तो उन्हें चुनौती है कि वे वंदे मातरम के पूरे छह छंद गाकर सुनाएं। बांसुरी ने यह भी कहा था कि वह खुद पूरा वंदे मातरम गाने में पूरी तरह से सहज हैं। असल में, भाजपा सांसद का यह बयान कांग्रेस पार्टी द्वारा सार्वजनिक और आधिकारिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम के केवल दो छंद गाने की प्रथा पर भी एक राजनीतिक कटाक्ष था।
हालांकि, पितृसत्ता के विरोध और राष्ट्रीय गीत गाने के बीच इस बेतुके संबंध को लेकर इंटरनेट पर लोगों ने जमकर सवाल उठाए। ऋतिक रोशन के कमेंट के बाद इस वीडियो पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। कांग्रेस की सोशल मीडिया और डिजिटल संचार की राष्ट्रीय संयोजक रुचिरा चतुर्वेदी ने भी इस वीडियो को शेयर करते हुए पूछा था कि क्या बांसुरी स्वराज को पता भी है कि वह क्या कह रही हैं।
सोशल मीडिया पर आम यूजर्स भी इस पर खूब चुटकियां ले रहे हैं। एक यूजर ने लिखा कि सांसद महोदया पितृसत्ता (पैट्रिआर्की) और देशभक्ति (पैट्रियोटिज्म) के बीच पूरी तरह से भ्रमित हो गई हैं। वहीं एक अन्य यूजर ने मजाकिया लहजे में तंज कसा कि वह एक बेहतर संगीतकार बनना चाहता है, इसलिए वह पिज्जा ऑर्डर करने जा रहा है। लोगों का कहना है कि नारीवाद और राष्ट्रवाद दो बिल्कुल अलग विचारधाराएं हैं, और इन्हें इस तरह से मिलाना हास्यास्पद है।



