
समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान ने सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग के एक नए मामले में अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची तथा वी मोहना की पीठ ने खान का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ता निज़ाम पाशा की दलीलों पर ध्यान दिया। पीठ ने संकेत दिया कि याचिका को सप्ताह के दौरान सूचीबद्ध किया जा सकता है। हालांकि, पीठ ने याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने से इनकार कर दिया।
रामपुर जेल से रिहा किए जाने के कुछ ही समय बाद आज़म खान को शनिवार को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया था , गाजियाबाद की एक विशेष अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। ईडी ने आज़म खान और उसके कथित सहयोगियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज की गई 58 एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया। केंद्रीय एजेंसी ने उस पर रामपुर में निजी जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए सार्वजनिक कार्यों के लिए आवंटित सरकारी धन का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।



