
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने 2 जनवरी 2026 को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय पर सैकड़ों कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ नववर्ष की शुभकामनाएं साझा कीं। इस उत्साहपूर्ण कार्यक्रम में उन्होंने पार्टी को बूथ स्तर पर मजबूत करने की अपील की।
अखिलेश ने मतदाता सूची में हो रही अनियमितताओं (एसआईआर) पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया और कहा कि जिनका नाम वोटर लिस्ट से गायब है, उन्हें शामिल करवाने के लिए प्रयास करें। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की ‘चार करोड़ वोट कटने’ वाली टिप्पणी अधिकारियों को बेईमानी का संकेत थी।
उन्होंने चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा, “चुनाव आयोग और उसकी तकनीकी सहायता करने वाली कंपनियां निष्पक्ष रहेंगी, ऐसी उम्मीद है। यदि राज्य और केंद्रीय आयोग के आंकड़ों में अंतर आया, तो एसआईआर का क्या मतलब?” उन्होंने आशंका जताई कि मुख्यमंत्री के इशारे पर चुनावी धांधली की तैयारी हो रही है।
भाजपा को ‘बेईमान पार्टी’ बताते हुए अखिलेश ने कहा कि वह हर स्तर पर भ्रष्टाचार और धोखा करती है। उन्होंने समाजवादी कार्यकर्ताओं और पीडीए प्रहरियों से मतदाता सूची पर सतर्क रहने को कहा।
उन्होंने भाजपा सरकार पर किसानों, युवाओं और महिलाओं के साथ भेदभाव के आरोप लगाए। किसानों को समय पर खाद-बीज नहीं मिला, फसलों का उचित मूल्य नहीं दिया गया और युवाओं को रोजगार के अवसर नहीं मिले।
अखिलेश ने 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता से बाहर करने और प्रदेश को कुशासन से मुक्त करने का संकल्प जताया, साथ ही जनता के विश्वास पर जोर दिया।





