
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले उत्तर प्रदेश में एक बड़े राजनीतिक अभियान की तैयारी में जुटी है । पार्टी मंगलवार से अपना तीन दिवसीय ‘लोकतंत्र बचाओ-राजतंत्र हटाओ’ अभियान शुरू करेगी, जिसमें केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और जेपी नड्डा सहित कई वरिष्ठ नेता राज्य के विभिन्न हिस्सों में मार्च का नेतृत्व करेंगे। इस अभियान के तहत, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान मंगलवार को लखनऊ में एक मार्च का नेतृत्व करेंगे, जबकि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा बरेली में इसी तरह के कार्यक्रम में भाग लेंगे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन बुधवार को गोरखपुर में एक मार्च का नेतृत्व करेंगे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी 5 नवंबर को गाजियाबाद में एक मार्च का नेतृत्व करेंगे।
भाजपा का यह अभियान 2027 में होने वाले महत्वपूर्ण उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले आया है और इसे पार्टी द्वारा अपने कार्यकर्ताओं को संगठित करने और जमीनी स्तर पर अपनी उपस्थिति को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है। भाजपा अगले तीन दिनों में उत्तर प्रदेश के सभी छह संगठनात्मक क्षेत्रों में अपना ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान चलाएगी। पार्टी के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले ‘इंडिया ब्लॉक’ को निशाना बनाते हुए रैलियों और विरोध प्रदर्शनों में भाग लेंगे। इस अभियान में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत कई प्रमुख नेता भाग लेंगे।
शिवराज सिंह चौहान लखनऊ मार्च का नेतृत्व करेंगे, जेपी नड्डा बरेली में मार्च करेंगे
राज्य की राजधानी में, शिवराज सिंह चौहान मंगलवार को भाजपा के मार्च का नेतृत्व करेंगे। पार्टी के नेताओं, निर्वाचित प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के इस कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीद है। वहीं, बरेली में ब्रज क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए जेपी नड्डा पार्टी के मार्च में भाग लेंगे। अपनी जनसंपर्क रणनीति के तहत, भाजपा नेता अपने-अपने क्षेत्रों में रात बिताएंगे और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। पार्टी विधानसभा चुनावों से पहले जनता से जुड़ाव बढ़ाने और अपनी संगठनात्मक मशीनरी को सक्रिय करने के लिए इन मार्चों का उपयोग करना चाहती है।


