
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मलिहाबाद थाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और पुलिस की लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। यहां मनचलों की छेड़छाड़ से परेशान एक छात्रा ने पुलिस से न्याय न मिलने पर अपनी जान दे दी। आरोप है कि छात्रा ने लगातार हो रही छेड़छाड़ से तंग आकर समय रहते पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने इस गंभीर मामले को हल्के में लिया और कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की।
इस घटना ने पुलिस की कार्यशैली और महिला सुरक्षा के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि पुलिस ने छात्रा की मौत के बाद जाकर इस मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज की है। परिजनों का आरोप है कि यदि समय रहते पुलिस ने शिकायत पर संज्ञान लिया होता, तो उनकी बेटी आज जिंदा होती। इस दुखद घटना के बाद परिवार में भारी मातम और पुलिस के प्रति आक्रोश है।
मामले के तूल पकड़ने और पुलिस विभाग की फजीहत होने के बाद उच्चाधिकारियों ने कसमंडी कला के चौकी इंचार्ज विवेक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
फिलहाल इस मामले की गहराई से जांच की जा रही है कि आखिर छात्रा की लिखित शिकायत पर पहले कोई कदम क्यों नहीं उठाया गया, लेकिन इस घटना ने सिस्टम की संवेदनशीलता पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।


