
अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान में कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में आज (सोमवार) सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई होने जा रही है। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ इस मामले से जुड़ी विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई करेगी।
इन याचिकाओं में राजद सांसद सुधाकर सिंह, हिंदू धर्म परिषद, वकील नरेंद्र कुमार गोस्वामी और अजय कुमार राय की याचिकाएं शामिल हैं, जिनमें इस पूरे प्रकरण की अदालत की निगरानी में जांच (Court-monitored probe) कराने की मांग की गई है।
इससे पहले 21 सितंबर को हुई सुनवाई में उत्तर प्रदेश सरकार ने शीर्ष अदालत को सूचित किया था कि विशेष जांच दल (SIT) ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर नकदी चोरी की कई घटनाओं की पहचान कर ली है। इसके बाद 24 सितंबर को एसआईटी (SIT) ने स्थानीय अदालत में लगभग 74,000 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल की थी। इस चार्जशीट में दान की रकम गिनने के कार्य में शामिल आठ आरोपियों (अविनाश शुक्ला, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव आदि) के खिलाफ पुख्ता सबूत पेश किए गए हैं।
इस मामले ने अब राजनीतिक रूप भी ले लिया है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी समेत विपक्षी दलों का आरोप है कि सीसीटीवी फुटेज में चोरी की 304 घटनाएं दर्ज हुई हैं, जिनमें बिना अनुमति के लगातार नकदी निकाली गई। विपक्ष यह भी आरोप लगा रहा है कि इस मामले में बड़े जिम्मेदारों को बचाया जा रहा है और केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है।
आज की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट एसआईटी द्वारा दाखिल की गई इसी चार्जशीट, जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध दस्तावेजों की गहराई से समीक्षा करेगा, जिससे इस मामले में आगे की कानूनी दिशा स्पष्ट हो सकेगी।



