
हापुड़ जिले के बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लुखराड़ा गांव में खेत के रास्ते के मामूली विवाद ने एक खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। आरोप है कि पड़ोसी खेत के तीन लोगों ने एक किसान के साथ गाली-गलौज करते हुए फावड़े और डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। इस हिंसक हमले में किसान गंभीर रूप से लहूलुहान हो गया और उसके सिर, हाथ तथा पैरों में गहरी चोटें आई हैं।
जब चीख-पुकार सुनकर किसान की पत्नी और बेटी उसे बचाने के लिए दौड़ीं, तो दबंगों ने उन्हें भी नहीं बख्शा और उनके साथ भी बेरहमी से मारपीट की। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर तीन आरोपियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कर ली है और मामले की सघन जांच शुरू कर दी है।
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, बुलंदशहर जिले के बीबी नगर थाना क्षेत्र स्थित भैंसाखुर गांव के निवासी कर्मवीर सिंह सोमवार सुबह करीब आठ बजे अपनी पत्नी कमलेश और बेटी टीनू के साथ लुखराड़ा स्थित अपने खेत पर चारा लेने गए थे। इसी दौरान पड़ोस के खेत में मौजूद राकेश शर्मा, उनके बेटे विजय शर्मा और पवन ने खेत का रास्ता काटने का झूठा आरोप लगाते हुए कर्मवीर से अकारण विवाद शुरू कर दिया। जब कर्मवीर ने रास्ता काटने की बात से स्पष्ट रूप से इनकार किया, तो आरोपियों का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने अचानक फावड़े और भारी डंडों से उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
हमले की क्रूरता के बीच बचाव में आईं पत्नी और बेटी के साथ भी हाथापाई की गई। इस मारपीट और छीना-झपटी के दौरान मां-बेटी के कानों के कुंडल भी कहीं गिर गए, जो बाद में काफी तलाशने के बावजूद नहीं मिल सके।
मारपीट करने के बाद आरोपी जान से मारने की गंभीर धमकियां देते हुए मौके से फरार हो गए। इस दहशत भरी घटना के बाद पीड़ित परिवार ने तुरंत बाबूगढ़ थाने पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। थाना बाबूगढ़ प्रभारी प्रवीण कुमार ने बताया कि पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए सबसे पहले घायल किसान का चिकित्सकीय परीक्षण (मेडिकल) कराया है।
इसके उपरांत, पीड़ित कर्मवीर सिंह की लिखित तहरीर के आधार पर राकेश शर्मा, विजय शर्मा और पवन के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस घटना के सभी पहलुओं और साक्ष्यों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि तथ्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ सख्त और उचित विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।




