उत्तराखंड

दलेर मेहंदी विवाद: सीएम धामी ने मीका सिंह से की बात, ‘अतिथि देवो भव:’ का दिया संदेश, विवाद सुलझाने की अपील

उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा मशहूर पंजाबी गायक दलेर मेहंदी को मंच पर सरेआम फटकार लगाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस बढ़ते विवाद को शांत करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को दलेर मेहंदी के भाई और गायक मीका सिंह से फोन पर बात की।

मुख्यमंत्री ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की ‘गलतफहमी’ को आपसी बातचीत और सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड ‘अतिथि देवो भव:’ की महान परंपरा का पालन करता है और राज्य में कलाकारों का हमेशा खुले दिल से स्वागत और सम्मान किया जाता है।

मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में बताया कि मंत्री उनियाल पर उस समय कार्यक्रम में मौजूद स्थानीय जनता का भारी दबाव रहा होगा, और खुद मंत्री ने अब यह स्वीकार किया है कि उन्हें दलेर मेहंदी के बीमार होने की जानकारी नहीं थी। सीएम धामी ने दोनों गायकों को अपना अच्छा दोस्त बताते हुए मामले को यहीं खत्म करने की अपील की है।

इससे पहले, मीका सिंह ने मुख्यमंत्री धामी से इस मामले में हस्तक्षेप करने की गुहार लगाते हुए मंत्री सुबोध उनियाल से सार्वजनिक माफी की मांग की थी। मीका ने नाराजगी जताते हुए कहा था कि एक अन्य कलाकार (सुनंदा शर्मा) के बीमार पड़ने पर दलेर मेहंदी ने इस कार्यक्रम में प्रस्तुति देने की हामी भरी थी, ऐसे में एक वरिष्ठ कलाकार पर नशे में होने का निराधार आरोप लगाना बेहद अपमानजनक और दुखद है।

इस पूरे घटनाक्रम पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने भी अपना पक्ष रखा है। उन्होंने अपनी सफाई में कहा कि दलेर मेहंदी जैसे बड़े कलाकार को नरेंद्र नगर के सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले में आमंत्रित किया गया था, लेकिन मंच पर यह स्पष्ट हो गया था कि वह गा नहीं रहे थे, बल्कि केवल ‘लिप-सिंक’ कर रहे थे। मंत्री के अनुसार, मेहंदी ठीक से बोल या चल भी नहीं पा रहे थे।

स्थानीय जन प्रतिनिधि होने के नाते जनता के आक्रोश और दबाव के चलते उन्हें मंच पर जाना पड़ा। उनियाल ने कहा कि उन्हें शुरुआत में लगा कि गायक किसी नशे के प्रभाव में हैं, लेकिन बाद में उन्हें जानकारी मिली कि दलेर मेहंदी वास्तव में अस्वस्थ थे। मंत्री का तर्क है कि यदि गायक की तबीयत खराब थी, तो उन्हें पहले ही आयोजकों को सूचित कर देना चाहिए था और कार्यक्रम में आने से बचना चाहिए था।

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