
मुंबई क्राइम ब्रांच ने आईआईटी बॉम्बे आत्महत्या मामले में प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला का बयान दर्ज किया। बयान आईआईटी पवई परिसर में ही दर्ज किया गया, जिसमें 8 से 10 घंटे लगे। अपने बयान में दुल्ला ने कहा कि उन्होंने दिशानिर्देशों का पालन किया था और जातिवादी टिप्पणियों का इस्तेमाल करने से इनकार किया। उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों का भी खंडन किया। मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक बयान में कहा कि सूर्यनारायण दुल्ला के बयान की रिकॉर्डिंग से क्राइम ब्रांच की जांच को गति मिलने की उम्मीद है।
इसी बीच, कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे के माता-पिता प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला और संस्थान के निदेशक शिरीष बी केदारे की गिरफ्तारी की अपनी मांग पर अडिग रहे और उन्होंने अपनी भूख हड़ताल जारी रखी। इस संबंध में, मुंबई यूथ कांग्रेस और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन के कुछ कार्यकर्ता भी दक्षिण मुंबई के आज़ाद मैदान में हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने साहिल की तस्वीर लेकर 22 वर्षीय छात्र के लिए न्याय की मांग उठाई।
हालांकि साहिल के पिता रविंद्र वाकोडे ने मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया, वहीं परिवार के वकील ने कहा कि उन्हें अपनी मांगों पर सरकार से अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि कथित आत्महत्या मामले की जांच कर रही मुंबई क्राइम ब्रांच ने अब तक साहिल वाकोडे के माता-पिता, सहपाठियों और आईआईटी हॉस्टल स्टाफ सहित 40 लोगों के बयान दर्ज किए हैं।



