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शाहजहांपुर में दिल दहला देने वाली वारदात: प्राचीन मंदिर के दो सेवादारों की निर्मम हत्या कर शव जलाए, जमीन कब्जाने का शक

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में गुरुवार की सुबह एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। जिले के खुदागंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सूथा गांव में स्थित एक प्राचीन मंदिर परिसर में दो सेवादारों की बेहद निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई।

अपराधियों के हौसले इतने बुलंद थे कि हत्या जैसी संगीन वारदात को अंजाम देने के बाद उन्होंने सबूत मिटाने के इरादे से दोनों शवों को आग के हवाले भी कर दिया। इस जघन्य दोहरे हत्याकांड की खबर गांव में आग की तरह फैल गई, जिसके बाद मंदिर परिसर के बाहर भारी संख्या में आक्रोशित और सहमे हुए ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हो गई।

इस खौफनाक वारदात का शिकार हुए दोनों मृतकों की पहचान मंदिर की देखभाल करने वाले वृद्ध सेवादार गोपाल दास और बाबा बिहारी दास के रूप में हुई है। घटना का खुलासा उस वक्त हुआ जब गुरुवार की सुबह गांव के लोग अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या के अनुसार मंदिर में पूजा-अर्चना और भगवान के दर्शन करने के लिए पहुंचे।

वहां का वीभत्स नजारा देखकर ग्रामीणों के पैरों तले जमीन खिसक गई। मंदिर परिसर में खून-खराबे और जले हुए शवों को देखकर पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और लोगों ने तत्काल प्रभाव से इस खौफनाक घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी।

दोहरे हत्याकांड जैसी गंभीर सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और पुलिस टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गई। मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए शाहजहांपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सौरभ दीक्षित भी भारी पुलिस बल के साथ सूथा गांव पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और साक्ष्य जुटाने के लिए संबंधित टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हर पहलू से इस गंभीर मामले की जांच शुरू कर दी है।

इस नृशंस हत्याकांड के पीछे के कारणों को लेकर पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उनके अनुसार, शुरुआती जांच और ग्रामीणों से पूछताछ में यह बात सामने आई है कि मंदिर की बेशकीमती जमीन को लेकर काफी लंबे समय से एक विवाद चल रहा था।

प्रथम दृष्टया यही आशंका जताई जा रही है कि मंदिर की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने की नीयत से ही भू-माफियाओं या दबंगों द्वारा इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया है। फिलहाल पुलिस की रडार पर गांव के ही तीन स्थानीय लोग हैं, जिन पर इस हत्या को लेकर गहरा शक है। हालांकि, पुलिस प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि विस्तृत जांच और संदिग्धों से पूछताछ पूरी होने के बाद ही इस हत्याकांड की असली वजह और सभी आरोपियों की वास्तविक भूमिका पूरी तरह से साफ हो सकेगी।

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