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दिल्ली में प्रदूषण के बीच सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों पर बीच का रास्ता निकालने की कोशिश की

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि वह न तो पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाएगा और न ही दिन भर उनके इस्तेमाल की अनुमति देगा, क्योंकि वह दिल्ली में गंभीर वायु प्रदूषण के मद्देनजर पटाखों पर प्रतिबंध लगाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रहा था। अदालत ने टिप्पणी की “हम न तो पूर्ण प्रतिबंध लगाने वाले हैं और न ही उन्हें 24 घंटे तक ऐसा करने की अनुमति देंगे। पूर्ण प्रतिबंध से कुछ लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचेगी, जबकि दिन भर पटाखे जलाने की अनुमति देने से बुजुर्गों, बीमार लोगों और बच्चों सहित हर जीवित प्राणी पर बहुत बुरा असर पड़ेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पटाखों के इस्तेमाल के घंटों को निर्दिष्ट करके और अनुमत प्रकारों की पहचान करके एक मध्य मार्ग खोजने की आवश्यकता है। वही दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण से निपटने के लिए अपनी शीतकालीन कार्य योजना 2026-27 का अनावरण किया है, जिसमें सख्त प्रवर्तन, वाहनों और निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध और सार्वजनिक भागीदारी बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि केंद्र और दिल्ली सरकार दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण से निपटने के लिए मिलकर काम कर रही हैं। इस योजना में सरकार और समाज की समग्र भागीदारी को ध्यान में रखा गया है, जिसमें वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम), केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), स्थानीय निकाय, दिल्ली पुलिस और दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) जैसी एजेंसियों को शामिल किया गया है।

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