
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चार धाम यात्रा का पहला चरण बेहद सफल रहा है, जबकि दूसरे चरण के दौरान भी बड़ी संख्या में तीर्थयात्री आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षित, सुचारू और सुव्यवस्थित तीर्थयात्रा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं, और यात्रा से जुड़े सभी जिलों में आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट पर रखा गया है। राज्य और जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं और स्थिति पर नजर रख रहे हैं। इस वर्ष चार धाम यात्रा नए रिकॉर्ड बना रही है, और राज्य सरकार मुख्यमंत्री धामी के मार्गदर्शन में कड़ी निगरानी रख रही है और व्यवस्थाएं कर रही है।
राज्य सरकार के अनुसार, बद्रीनाथ और गंगोत्री धाम में अब तक के सबसे अधिक तीर्थयात्री आए हैं, जिनमें से 18.10 लाख तीर्थयात्री बद्रीनाथ और रिकॉर्ड 8.41 लाख श्रद्धालु गंगोत्री धाम पहुंचे हैं। यमुनात्री तीर्थयात्रियों की संख्या 75 लाख से अधिक हो गई है, जबकि केदारनाथ में 1557 लाख तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, इस तीर्थयात्रा सत्र में अब तक कुल 53,23,401 तीर्थयात्रियों ने चारों धामों के दर्शन किए हैं, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में लगभग 46 लाख तीर्थयात्री आए थे। यात्रा के मौसम के लगभग डेढ़ महीने शेष रहने के साथ, तीर्थयात्रियों की संख्या में और वृद्धि होने की उम्मीद है।
हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा में भी श्रद्धालुओं के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है, जिसके चलते आगंतुकों की संख्या 3,52,765 तक पहुंच गई है, जो कई वर्षों में सबसे अधिक है। मुख्यमंत्री धामी के निर्देशानुसार, तीर्थयात्रा को कड़ी निगरानी और निरंतर देखरेख के साथ आयोजित किया जा रहा है। केंद्रीय आयोग के अनुसार, तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक उपाय किए गए हैं, जबकि रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी जिलों में आपदा प्रबंधन विभाग को 24 घंटे अलर्ट पर रखा गया है।



