
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले से एक बड़े बैंकिंग फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। बुढ़ाना कस्बे के डीएवी रोड पर स्थित यूपी ग्रामीण बैंक की शाखा में लाखों रुपये के गबन का खुलासा होने के बाद हड़कंप मच गया है। यह पूरा मामला तब उजागर हुआ जब बैंक शाखा के पूर्व प्रबंधक का हाल ही में तबादला हुआ और नए प्रबंधक ने कार्यभार संभाला।
अपनी गाढ़ी कमाई बैंक में जमा करने वाले जब कुछ ग्राहक पासबुक में एंट्री कराने पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि उनके खातों से जमा रकम गायब है। इस खुलासे के बाद आक्रोशित खाताधारकों ने बैंक में जमकर हंगामा किया, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
गबन का यह सिलसिला तब सामने आया जब पूर्व शाखा प्रबंधक रूपक राणा का दो दिन पहले तबादला हो गया और उनकी जगह नए प्रबंधक विभव कुमार ने ली। पदभार ग्रहण करने के बाद जब विभव कुमार के सामने ग्राहकों ने अपनी पासबुक अपडेट कराने की मांग रखी, तो सिस्टम में उनकी जमा की गई राशि का कोई रिकॉर्ड ही नहीं मिला।
शुक्रवार से शुरू हुई यह सुगबुगाहट शनिवार तक पूरे इलाके में फैल गई, जिससे सैकड़ों की संख्या में घबराए हुए खाताधारक बैंक के बाहर इकट्ठा हो गए। पीड़ित ग्राहकों में से एक अमित ने बताया कि उसने अपने होम लोन के एवज में 10 लाख रुपये बैंक में जमा किए थे, लेकिन अब वह भारी-भरकम रकम उसके खाते से पूरी तरह नदारद है। इसी तरह की शिकायतें अन्य ग्राहकों ने भी दर्ज कराई हैं, जिसके बाद बैंक के सभी खातों का विस्तृत स्टेटमेंट निकाला जा रहा है।
इस बड़े घोटाले की भनक उच्चाधिकारियों को पहले ही लग चुकी थी। ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक यूसुफ खान ने कुछ दिन पहले ही इस शाखा का औचक निरीक्षण किया था, जिसमें उन्हें वित्तीय अनियमितताओं का अंदेशा हुआ था। उनके निर्देश पर ही वर्तमान प्रबंधक को प्रारंभिक जांच के आदेश दिए गए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंक प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए आरोपी पूर्व प्रबंधक रूपक राणा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पूरे फर्जीवाड़े की तह तक जाने के लिए पांच सदस्यीय विशेष जांच टीम का गठन किया गया है। मुजफ्फरनगर से डिप्टी रीजनल मैनेजर नवदीप सिंह अपनी टीम के साथ बुढ़ाना शाखा पहुंच चुके हैं और रिकॉर्ड्स को खंगालने का काम जारी है।
बैंक प्रशासन और पुलिस फिलहाल स्थिति को संभालने में जुटे हैं। डिप्टी रीजनल मैनेजर नवदीप सिंह ने खाताधारकों को आश्वस्त किया है कि अब तक 10-15 ग्राहकों की शिकायतें प्राप्त हुई हैं, लेकिन बैंक का सामान्य कामकाज सुचारू रूप से चल रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी ग्राहक का पैसा डूबने नहीं दिया जाएगा और सभी की रकम पूरी तरह सुरक्षित है।
वहीं, इंस्पेक्टर सुभाष अत्री ने बताया कि फिलहाल बैंक के अधिकारियों द्वारा आंतरिक जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद बैंक प्रबंधन की ओर से जो भी औपचारिक शिकायत (तहरीर) पुलिस को सौंपी जाएगी, उसी के आधार पर एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



