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यमन के हूती विद्रोहियों का सऊदी अरब पर भीषण हमला: रियाद एयरपोर्ट के पास दिखा धुएं का गुबार, अरामको और कई रणनीतिक ठिकाने बने निशाना

पश्चिम एशिया में जारी व्यापक तनाव के बीच यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद और लाल सागर के तटीय शहर यानबु स्थित तेल कंपनी अरामको के संयंत्रों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों से ताबड़तोड़ हमले किए हैं।

इस हमले के कुछ ही देर बाद रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निकटवर्ती इलाके से भीषण आग की लपटें और काले धुएं का विशाल गुबार उठता देखा गया। सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने दावा किया है कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली (एयर डिफेंस सिस्टम) ने रियाद को निशाना बनाकर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही मार गिराया। हालांकि, हवाई अड्डे के हाईवे और टर्मिनल के पास ईंधन टैंकों के पीछे लगी आग और धुएं के कारणों को लेकर स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

हूती सेना के प्रवक्ता याह्या सारी ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए बताया कि उन्होंने दो बड़े सैन्य अभियानों को अंजाम दिया है, जिसमें रियाद के संवेदनशील ठिकानों और यानबु स्थित अरामको की रिफाइनरी को निशाना बनाया गया। हूतियों का दावा है कि इन हमलों से लक्षित ठिकानों पर भीषण आग लग गई। उन्होंने इन हमलों को यमन में सऊदी अरब द्वारा की जा रही लगातार बमबारी का जवाब बताया है।

इससे पहले हूती विद्रोहियों ने बुधवार को यमन के मारिब प्रांत में स्वदेशी मिसाइल के जरिए सऊदी अरब के एक अत्याधुनिक लड़ाकू विमान ‘F-15SA एडवांस्ड ईगल’ को मार गिराने का भी दावा किया था और इसके मलबे के वीडियो जारी किए थे, जिससे दोनों पक्षों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। सऊदी गठबंधन का कहना है कि उसने यानबु, तायफ, बैश और फरासान में नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने वाले हमलों को भी विफल कर दिया है।

जमीनी मोर्चे पर भी हूती लड़ाकों की तेजी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंताएं बढ़ा दी हैं। हूतियों ने लाल सागर के तटीय इलाकों में तेजी से आगे बढ़ते हुए रणनीतिक मोचा बंदरगाह और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के निकटवर्ती क्षेत्रों पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। हूती विद्रोही पेरीम द्वीप तक भी पहुंच चुके हैं, जो दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है।

हूतियों द्वारा सऊदी अरब के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी की घोषणा और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमलों के चलते वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी को लेकर वैश्विक बाजारों में भारी अनिश्चितता का माहौल बन गया है।

बढ़ते संकट को देखते हुए तुर्किये के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने सऊदी अरब को आवश्यक सैन्य और तकनीकी सहायता की पेशकश की है। उन्होंने उल्लेख किया कि तुर्किये, सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच हुए हालिया त्रिपक्षीय रक्षा समझौते के तहत एक-दूसरे की संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा की प्रतिबद्धता शामिल है।

वहीं, ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रज़ाई ने कहा है कि तेहरान सऊदी-हूती संघर्ष का शांतिपूर्ण समाधान चाहता है और कतर व पाकिस्तान के जरिए मध्यस्थता के प्रयास जारी हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सऊदी अरब के नागरिक व ऊर्जा ठिकानों पर हूती हमलों की कड़ी निंदा की है, लेकिन लाल सागर से लेकर फारस की खाड़ी तक फैल रहे इस युद्ध ने पूरे मध्य पूर्व को एक अभूतपूर्व संकट की ओर धकेल दिया है।

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