उत्तराखंड

उत्तराखंड: केदारनाथ यात्रा के दूसरे चरण की तैयारियों को लेकर मंत्री गणेश जोशी ने की समीक्षा, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा पर जोर

उत्तराखंड के कृषि, कृषक कल्याण तथा सैनिक कल्याण मंत्री और रुद्रप्रयाग के जनपद प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने सोमवार को श्री केदारनाथ धाम यात्रा की व्यवस्थाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित इस बैठक में मुख्य रूप से मानसून के बाद शुरू होने वाले यात्रा के द्वितीय चरण की तैयारियों का जायजा लिया गया।

प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मानसून की समाप्ति के बाद धाम में दर्शनार्थियों की संख्या में भारी उछाल आने की संभावना है, इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए अभी से अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दें।

समीक्षा के दौरान बुनियादी ढांचे और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि यात्रा के मुख्य मार्ग और पैदल रास्तों की स्थिति का नियमित निरीक्षण किया जाना चाहिए और बारिश के कारण हुए नुकसान को तत्काल प्रभाव से सुधारा जाए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि जो भी विभागीय टीमें रास्तों का निरीक्षण करने जाएं, वे वहां बने शौचालयों की साफ-सफाई और पेयजल की व्यवस्था का अनिवार्य रूप से जायजा लें।

शौचालयों में पानी और सफाई सामग्री की कोई कमी नहीं होनी चाहिए। इसी क्रम में, रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने मंत्री को आश्वस्त किया कि मानसूनी बारिश से प्रभावित हुई सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जा रहा है।

यात्रा के दौरान राशन और स्वास्थ्य सुविधाओं की निर्बाध आपूर्ति को लेकर भी कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। प्रभारी मंत्री ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को आदेश दिया कि यात्रा के सभी प्रमुख पड़ावों पर राशन, जरूरी खाद्य सामग्री और रसोई गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक रखा जाए, ताकि भीड़ बढ़ने पर यात्रियों को कोई परेशानी न हो।

इसके साथ ही, चिकित्सा विभाग को निर्देश दिया गया है कि यात्रा मार्ग पर मौजूद सभी चिकित्सा केंद्रों और मेडिकल रिलीफ पोस्ट पर डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित की जाए। वहां आपात स्थिति से निपटने के लिए जीवन रक्षक दवाइयां और जरूरी चिकित्सा उपकरण हर समय उपलब्ध रहने चाहिए।

केदारनाथ यात्रा को केवल आस्था का केंद्र न मानकर, इसे उत्तराखंड की पहचान और स्थानीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए मंत्री ने अधिकारियों को पूरी प्रतिबद्धता से काम करने को कहा। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा का अनुभव देना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर होने वाली लापरवाही को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस अहम ऑनलाइन बैठक में केदारनाथ क्षेत्र की विधायक आशा नौटियाल, राज्यमंत्री चंडी प्रसाद भट्ट, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा और पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर समेत जिले के कई आला अधिकारी मौजूद रहे।

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