
उत्तर प्रदेश के लोगों को पिछले कुछ दिनों से सता रही उमस और चिलचिलाती गर्मी से अब जल्द ही बड़ी राहत मिलने वाली है। मौसम विभाग ने राज्य के मौसम में अचानक बदलाव की घोषणा की है, जिसके चलते मंगलवार से अगले दो दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश और छिटपुट बूंदाबांदी का दौर देखने को मिलेगा। विशेष रूप से, राज्य के 44 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है जहां गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने की प्रबल आशंका जताई गई है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
नमी और मानसूनी ट्रफ लाइन का असर
मौसम में आ रहे इस सुखद बदलाव का मुख्य कारण अरब सागर की ओर से आने वाली नमी और मानसूनी ट्रफ लाइन का एक बार फिर से उत्तर दिशा की तरफ खिसकना है। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, इस मौसमी हलचल की वजह से अगले अड़तालीस घंटों के दौरान तराई, मध्यांचल और दक्षिणी जिलों में बादलों की सक्रियता काफी बढ़ जाएगी। हालांकि, बीते सोमवार को भी बुंदेलखंड और पूर्वांचल के बलिया, गोरखपुर, बांदा, झांसी, उरई और बरेली जैसे कई जिलों में हल्की से मध्यम बूंदाबांदी दर्ज की गई थी, जबकि राज्य के अन्य इलाकों में तेज धूप खिली रही।
लखनऊ का हाल और मानसून की विदाई
प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदलने की आहट सुनाई दे रही है। शहर के आसमान पर बादलों ने अपना डेरा डालना शुरू कर दिया है। अरब सागर की नमी के कारण मंगलवार और बुधवार को राजधानी में भी हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की पूरी संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी। इससे पहले सोमवार को राजधानी का अधिकतम तापमान लगभग 33.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
इस बीच, मौसम विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह बारिश का दौर लंबा नहीं चलेगा। 19 सितंबर के बाद से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम धीरे-धीरे शुष्क होने लगेगा। यह पश्चिमी राजस्थान से मानसून की औपचारिक वापसी की शुरुआत का साफ संकेत है। आपको बता दें कि इस पूरे मानसूनी सीजन में उत्तर प्रदेश में अब तक सामान्य से लगभग तीन प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।



