
गोरखपुर के खोराबार थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पॉश इलाके सहारा एस्टेट में शुक्रवार की सुबह एक बेहद हृदयविदारक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक मकान के बंद कमरे में 45 वर्षीय इंजीनियर का शव बरामद किया गया।
यह शव कमरे में रखे सोफा सेट पर पड़ा हुआ था और इसकी स्थिति को देखकर पुलिस और फोरेंसिक विशेषज्ञों का अनुमान है कि मौत लगभग तीन से चार दिन पहले हुई होगी। आसपास के पड़ोसियों ने जब घर के भीतर से आ रही असहनीय और तेज दुर्गंध को महसूस किया, तब जाकर इस अनहोनी का खुलासा हुआ और उन्होंने घबराकर तुरंत स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दी।
मृतक की पहचान और पड़ोसियों का बयान
मृतक की पहचान अभिषेक त्रिपाठी (उम्र 45 वर्ष) के रूप में हुई है, जो पेशे से एक इंजीनियर थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अभिषेक मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के निवासी थे और वर्तमान में सहारा एस्टेट के मल्हार स्थित मकान नंबर 2/202 में निवास कर रहे थे। पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि पिछले करीब चार दिनों से अभिषेक के मकान का दरवाजा नहीं खुला था और न ही उन्हें घर के बाहर कहीं देखा गया था। स्थानीय लोगों ने शुरुआत में यह सोचकर ध्यान नहीं दिया कि शायद वह किसी निजी या आधिकारिक काम से शहर से बाहर गए होंगे। लेकिन शुक्रवार की सुबह जब मकान के भीतर से तेज सड़ांध आनी शुरू हुई, तो लोगों को अनिष्ट की आशंका हुई और उन्होंने बिना किसी देरी के पुलिस को बुला लिया।
पुलिस और फोरेंसिक टीम की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही खोराबार थाने की पुलिस टीम फौरन घटनास्थल पर पहुंच गई। मकान का मुख्य दरवाजा अंदर से पूरी तरह से बंद था। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद दरवाजा खुलवाया और जब अंदर प्रवेश किया, तो वहां का नजारा बेहद भयावह था। सोफे पर अभिषेक का शव क्षत-विक्षत अवस्था में पड़ा था। मामले की संवेदनशीलता और रहस्य को देखते हुए पुलिस ने तत्काल फोरेंसिक टीम को भी मौके पर तलब कर लिया। फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने कमरे के चप्पे-चप्पे की बारीकी से छानबीन की और आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस की टीम विशेष रूप से इस बात की जांच कर रही है कि क्या कमरे के अंदर किसी प्रकार के संघर्ष या हाथापाई के कोई निशान मौजूद हैं, जिससे घटना की तह तक जाया जा सके।
अधिकारियों का बयान और आगे की जांच
स्थानीय पुलिस ने मृतक अभिषेक त्रिपाठी के देवरिया स्थित परिजनों को इस दुखद और अचानक हुई घटना की सूचना दे दी है। फिलहाल पुलिस उनके आने का इंतजार कर रही है, ताकि आगे की कानूनी कार्रवाई और पंचनामा की प्रक्रिया पूरी की जा सके। इस पूरे प्रकरण पर सीओ कैंट कीर्ति निधि आनंद ने जानकारी देते हुए बताया कि चूंकि मकान का दरवाजा अंदर से लॉक था, इसलिए घटना के हर पहलू पर बहुत ही बारीकी से विचार किया जा रहा है। पुलिस आत्महत्या, स्वास्थ्य संबंधी समस्या या किसी अन्य संदिग्ध गतिविधि सहित सभी संभावित कोणों से मामले की जांच कर रही है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मौत का वास्तविक कारण केवल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह से स्पष्ट हो सकेगा। इसके साथ ही, पुलिस आसपास के लोगों और मृतक के परिचितों से पूछताछ कर रही है ताकि उनकी दिनचर्या और हालिया मानसिक स्थिति के बारे में सुराग जुटाए जा सकें।



