
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले से एक सनसनीखेज और दुखद घटना सामने आई है। जिले के थाना भोगांव क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम रुई सिनौरा निवासी 26 वर्षीय पुष्पेंद्र राजपूत की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई है।
वारदात के बाद पुष्पेंद्र को गंभीर हालत में कई अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया था, लेकिन तमाम चिकित्सकीय कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। शनिवार देर रात जब परिजन उसे लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे, तो वहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस दर्दनाक घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
मृतक के चाचा नवरतन सिंह और अन्य परिजनों ने पुलिस को दी गई जानकारी में बताया कि पुष्पेंद्र ने इसी साल अप्रैल 2025 में अपने ही थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली युवती के साथ प्रेम विवाह किया था। परिजनों का आरोप है कि इस शादी के बाद से ही घर में लगातार पारिवारिक कलह चल रही थी और अक्सर विवाद की स्थिति बनी रहती थी।
घटना वाली रात जब पुष्पेंद्र अपने घर के पास स्थित एक गोदाम पर बैठा हुआ था, तभी वहां कुछ लोग पहुंचे और अचानक गाली-गलौज शुरू कर दी। विवाद इतना बढ़ा कि एक हमलावर ने पीछे से पुष्पेंद्र पर फायर झोंक दिया। गोली सीधे उसकी पीठ में जा लगी, जिससे वह बुरी तरह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा।
गोली लगने के बाद बदहवास परिजन घायल अवस्था में पुष्पेंद्र को आनन-फानन में पहले मैनपुरी के अस्पताल ले गए, जहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे सैफई रेफर कर दिया। सैफई के अस्पताल में भी जब उसकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ, तो परिजन उसे बेहतर इलाज की उम्मीद में कानपुर ले गए। कई दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद, अंततः शनिवार देर रात जब उसे लोहिया अस्पताल लाया गया, तो उसने दम तोड़ दिया।
इस घटना से पुष्पेंद्र की मां किताबश्री, उसके दिव्यांग बड़े भाई अलबेले राजपूत, पिता रामवीर सिंह राजपूत और चाचा सहित पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पुलिस अब परिजनों की तहरीर और आरोपों के आधार पर मामले की गहनता से जांच कर रही है, ताकि हत्या के असली कारणों और आरोपियों तक पहुंचा जा सके।



