
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 2013 की आपदा में बर्बाद हुए केदारनाथ का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भव्य और दिव्य पुनर्निर्माण किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार केदारखंड और मानसखंड दोनों क्षेत्रों में स्थित धार्मिक स्थलों के कायाकल्प पर विशेष ध्यान दे रही है।
शनिवार को बांदीछोड़ में आयोजित सत्गुरु लाल दास जी महाराज भूरीवाले के 51वें निर्वाण दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के प्रमुख तीर्थ स्थलों के पुनर्विकास पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “हमारे राज्य में ही बदरीनाथ धाम और केदारनाथ धाम को देखिए। 2013 की आपदा के बाद वहां का पूरा परिसर पूरी तरह तबाह और क्षतिग्रस्त हो गया था। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भव्य और दिव्य केदारनाथ का पुनर्निर्माण किया गया। प्रधानमंत्री की प्रेरणा और मार्गदर्शन में हम ‘मंदिर माला मिशन’ जैसी योजनाओं के माध्यम से उत्तराखंड के धार्मिक स्थलों—चाहे वे केदारखंड क्षेत्र में हों या मानसखंड क्षेत्र में—का पुनर्निर्माण और नवीनीकरण कर उन्हें नए रूप में विकसित कर रहे हैं।”
एक्स पर पोस्ट करते हुए धामी ने सत्गुरु लाल दास जी महाराज भूरीवाले को उनकी 51वीं निर्वाण तिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की और मानव सेवा संबंधी उनकी शिक्षाओं को रेखांकित किया। उन्होंने लिखा, “हरिद्वार में परम पूज्य सत्गुरु लाल दास जी महाराज भूरीवाले की 51वीं निर्वाण तिथि पर हम उन्हें नमन करते हैं। पूज्य महाराज जी ने मानव सेवा को ही ईश्वर की सच्ची पूजा माना और दिखाया कि दुखियों एवं जरूरतमंदों की सेवा करके ही भगवान तक पहुंचने का सबसे सरल मार्ग है।”
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड को वैश्विक आध्यात्मिक गंतव्य बनाने की दिशा में राज्य सरकार के प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में हमारी सरकार देवभूमि उत्तराखंड को विश्व की ‘आध्यात्मिक राजधानी’ स्थापित करने के संकल्प के साथ निरंतर आगे बढ़ रही है। इसी उद्देश्य से केदारखंड-मानसखंड मंदिर माला मिशन, हरिपुर कलासी में प्राचीन यमुना तीर्थ का पुनरुद्धार तथा हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है।”




