
उत्तर प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी है। मंगलवार को बारिश और बाढ़ के कारण प्रदेश में 10 लोगों की मौत हो गई। इनमें से छह लोग पुल पार करते समय बह गए। मृतकों में बदायूं, कन्नौज, हरदोई और फर्रुखाबाद में एक-एक जबकि प्रयागराज में चार शामिल हैं। बलिया में पेड़ गिरने और बहराइच में बिजली गिरने से भी एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई।
मंगलवार को कई जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश हुई। प्रयागराज में सर्वाधिक 192 मिमी, बिजनौर में 162 मिमी, संभल में 150 मिमी और सोनभद्र में 123 मिमी बारिश दर्ज की गई।
आज भी भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने बुधवार के लिए मध्य प्रदेश से सटे नौ जिलों में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। 18 अन्य जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की चेतावनी है। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि 19 से 23 अगस्त के दौरान मध्य प्रदेश से सटे जिलों समेत प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना है।
रेड अलर्ट वाले जिले: प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, भदोही, महोबा और आसपास के क्षेत्र।
भारी बारिश की चेतावनी वाले जिले: फतेहपुर, प्रतापगढ़, वाराणसी, जौनपुर, हमीरपुर, ललितपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, औरैया, जालौन, झांसी और आसपास के क्षेत्र।
राहत और बचाव कार्य
राहत आयुक्त हृषिकेश भास्कर यशोद ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने जिलाधिकारियों को प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा भोजन, चिकित्सा और आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
प्रदेश के 13 जनपदों के 173 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। अब तक 84,362 लोग और 13,058 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हो चुका है। कुल 1,589 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं और 1,263 बाढ़ शरणालय बनाए गए हैं। 4,845 व्यक्तियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
प्रभावितों के बीच 15,238 राहत खाद्यान्न पैकेट और 30,316 लंच पैकेट वितरित किए गए। 6,067 पशु प्रभावित हुए, जिनका उपचार और टीकाकरण किया गया। पेयजल स्वच्छता के लिए 43,612 क्लोरीन टैबलेट और 23,476 ओआरएस पैकेट बांटे गए। बाढ़ प्रभावित जिलों में 724 मेडिकल टीमें और 534 एंबुलेंस उपलब्ध हैं।



