
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए आधुनिक तकनीकी आधारित एकीकृत खनन निगरानी तंत्र (IMSS) को और मजबूत कर दिया है। इस प्रणाली के माध्यम से खनन क्षेत्रों की 24 घंटे निगरानी की जा रही है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और राजस्व संरक्षण को नई मजबूती मिली है।
भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की सचिव एवं निदेशक माला श्रीवास्तव ने बताया कि आईएमएसएस के तहत खनन क्षेत्रों में जियो-फेंसिंग, कैमरा युक्त वी-ब्रिज, खनिज ढोने वाले वाहनों पर आरएफआईडी माइन टैग, राजमार्गों पर आईओटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित स्वचालित चेकगेट स्थापित किए गए हैं। सभी व्यवस्थाओं को लखनऊ स्थित कमांड सेंटर से जोड़ा गया है, जहां से पूरे प्रदेश की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
कमांड सेंटर में लगे डिसीजन सपोर्ट सिस्टम के जरिए अवैध गतिविधियों पर तुरंत ई-नोटिस जारी किए जा रहे हैं, जिससे कार्रवाई तेज, पारदर्शी और प्रभावी हुई है।
मुख्य उपलब्धियां:
- प्रदेश में 62 चेकगेट संचालित, 2 नए निर्माणाधीन
- 1.53 लाख से अधिक वाहनों पर आरएफआईडी माइन टैग लगाए गए
- 75 आरएफआईडी रीडर और एम-चेक ऐप के जरिए निगरानी
- 16 जुलाई 2026 तक 2.41 लाख से अधिक ई-नोटिस जारी
- 998 करोड़ रुपये से अधिक की राशि निर्धारित, जिसमें से 756 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की जा चुकी है
उत्तर प्रदेश खनन नीति-2017 के तहत लागू यह व्यवस्था अवैध खनन पर अंकुश लगाने के साथ-साथ राज्य सरकार के राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि कर रही है।




