
बिहार में 25 जुलाई को NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ ‘बिहार बंद’ के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों पर AK-47 से फायरिंग करने वाले पुलिस अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। इस गंभीर घटना को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा ने सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की है।
15 वर्षीय किशोर समेत तीन लोग घायल
सिवान में फायरिंग के दौरान घायल हुए तीन लोगों का पटना के जयप्रभा मेदांता अस्पताल में इलाज चल रहा है, जहां उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। घायलों में 15 वर्षीय मोहम्मद आरिफ भी शामिल है। आरिफ के परिजनों के मुताबिक, वह एक दुकान पर काम करता है और बंदी के दौरान दुकान बंद करके घर लौट रहा था, तभी उसकी गर्दन में गोली लग गई। डॉक्टरों ने सर्जरी के जरिए गोली निकाल दी है और अब वह खतरे से बाहर है।
‘बिहार बंद’ के दौरान हुआ था भारी बवाल
NEET धांधली के विरोध में बुलाए गए राज्यव्यापी बंद के दौरान कई जिलों में छात्र संगठनों ने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया। पटना में बड़ी संख्या में छात्र नारेबाजी करते हुए गांधी मैदान की ओर मार्च कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और हालात बिगड़ गए। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को कई जगहों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले और वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा।
तेजस्वी और राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। वहीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने दिल्ली में छात्रों पर पैलेट गन और बिहार में AK-47 के इस्तेमाल का हवाला देते हुए कहा कि विरोध को दबाने का यह पैटर्न हर जगह एक जैसा है।
पुलिस विभाग ने शुरू की विस्तृत जांच
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना बल की प्राथमिक जिम्मेदारी है, लेकिन स्थापित प्रक्रियाओं के किसी भी उल्लंघन को बहुत गंभीरता से लिया जाएगा। मामले में विस्तृत विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही यह तय किया जाएगा कि फायरिंग का यह कदम पुलिस प्रोटोकॉल के अनुरूप था या नहीं और दोषी के खिलाफ क्या अनुशासनात्मक या कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।



