
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ पहुंचे समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार और उसकी परीक्षा प्रणाली पर करारा हमला बोला है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और देश भर में जारी छात्र आंदोलनों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने इसे भारत के युवाओं और ‘Gen-Z’ (जेन-जी) की एक ऐतिहासिक और बड़ी जीत करार दिया।
“बहुत पहले ही हो जाना चाहिए था इस्तीफा”
अखिलेश यादव ने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा तो बहुत पहले हो जाना चाहिए था। उन्होंने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार लगातार अपनी विफलताओं और परीक्षा व्यवस्था के कुप्रबंधन को दबाने और केवल ‘मैनेज’ करने की कोशिश में जुटी रही। हालांकि, जब देश के छात्र और युवा सड़कों पर उतरे और अपनी अटूट ताकत दिखाई, तो आखिरकार सरकार को उनके सामने झुकना ही पड़ा।
प्रधानमंत्री के हालिया संबोधन पर चुटकी लेते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि नई पीढ़ी के लोग रात-रात भर जगकर अपनी आवाज बुलंद करते हैं, और इसी का नतीजा है कि प्रधानमंत्री को भी देर रात आकर भाषण देना पड़ा।
सत्ता में बैठे लोगों को सीख लेने की नसीहत
सपा प्रमुख ने सरकार को इस पूरे आंदोलन से सबक लेने की कड़ी नसीहत दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग युवाओं के भविष्य और उनके करियर के साथ खिलवाड़ कर रहे थे, उन्हें जनता और छात्रों की एकता के आगे हार माननी ही पड़ी। अखिलेश यादव के इस तीखे बयान के बाद प्रदेश और देश की राजनीति में एक बार फिर से सरगर्मी काफी बढ़ गई है।



