
जंतर-मंतर पर नीट (NEET) पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह वीडियो दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल का है, जिसमें वह एक पुलिसकर्मी से उलझते और उन्हें रोकने पर नाराजगी जताते हुए दिख रहे हैं। यह घटना उस दिन की है जब दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें अपनी पसंद के अस्पताल (मेदांता) में शिफ्ट होने की अनुमति दी थी।
वायरल वीडियो में क्या है?
यह वीडियो 21 जुलाई का बताया जा रहा है, जब वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से छुट्टी मिलनी थी।
- पुलिस से बहस: नीली शर्ट और सफेद पतलून पहने वांगचुक अपनी पत्नी के साथ बाहर निकलने की कोशिश करते हैं, लेकिन एक पुलिसकर्मी उन्हें कथित तौर पर जाने से रोकता है।
- “मैं एक स्वतंत्र नागरिक हूं”: गुस्से में वांगचुक पुलिस से कहते हैं, “इन्हें कहो कि मुझे गिरफ्तार कर लें। मैं एक स्वतंत्र नागरिक हूं। आप लोग मुझे बिना वजह 3 घंटे से रोके हुए हैं। अगर तनाव से मेरी मौत हो गई, तो इसके जिम्मेदार आप होंगे।”
- पत्नी का आरोप: वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंग्मो ने भी पुलिस पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए कहा, “क्या आपको इतना अहंकार दिखाने का आदेश मिला है?” इसके बाद वांगचुक दरवाजे से बाहर निकलते हुए दिखाई देते हैं।
सफदरजंग अस्पताल की सफाई
वीडियो के तूल पकड़ने के बाद सफदरजंग अस्पताल ने बयान जारी कर अपना पक्ष रखा:
- वीडियोग्राफी पर रोक: अस्पताल प्रशासन ने बताया कि यह वीडियो वांगचुक के सहयोगियों ने ‘नो-वीडियोग्राफी’ जोन में रिकॉर्ड किया था।
- लिखित आदेश में देरी: अस्पताल के अनुसार, वीडियो उस समय का है जब तक प्रशासन को हाई कोर्ट का लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुआ था। वांगचुक मीडिया में आई खबरों के आधार पर अस्पताल छोड़ने की जिद कर रहे थे।
- अदालत का आदेश मिलते ही उन्हें तुरंत गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल (Medanta Hospital) के डॉक्टरों की टीम को सौंप दिया गया।
अनशन खत्म, लेकिन पुलिस का पहरा बरकरार
- 28 जून से जंतर-मंतर पर ‘कॉकक्रोच जनता पार्टी’ के समर्थन में अनशन कर रहे वांगचुक का 26 दिनों में 11 किलो से ज्यादा वजन कम हो गया था। वे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पेपर लीक मामले में जवाबदेही की मांग कर रहे थे।
- शुक्रवार को सरकार द्वारा शिक्षा व्यवस्था में सुधार और प्रदर्शनकारी छात्रों पर कोई कार्रवाई न करने के आश्वासन के बाद, उन्होंने अपना अनशन समाप्त कर दिया।
- हालांकि, उनकी पत्नी गीतांजलि ने दावा किया है कि अनशन खत्म होने के बावजूद वांगचुक लगातार पुलिस की निगरानी में हैं। पुलिस ही यह तय कर रही है कि उनसे कौन मिल सकता है और कौन नहीं।
गीतांजलि अंग्मो का सवाल: उन्होंने सोशल मीडिया (X) पर मेदांता अस्पताल की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, “पुलिस हर जगह है—मुख्य गेट, रिसेप्शन, लिफ्ट और आईसीयू के बाहर। जब अदालत कह चुकी है कि वह हिरासत में नहीं हैं, तो यह सब किस अधिकार से हो रहा है? क्या एक जागरूक लोकतंत्र में पुलिस का काम नागरिकों की रक्षा करना और कानून का पालन करना है, या सत्ता में बैठे लोगों के इशारे पर नागरिकों को नियंत्रित करना?”




