
भारत की 15वीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज (20 जून) अपना 68वां जन्मदिन मना रही हैं। ओडिशा के सुदूर गांव उपरबेड़ा में एक गरीब संताली परिवार में जन्मीं मुर्मू का जीवन संघर्ष और सफलता की मिसाल है।
वे स्वतंत्र भारत में जन्म लेने वाली पहली राष्ट्रपति हैं और आदिवासी समुदाय से राष्ट्रपति पद संभालने वाली पहली महिला हैं। प्रतिभा पाटिल के बाद वह दूसरी महिला राष्ट्रपति भी हैं।
संघर्ष भरा सफर
द्रौपदी मुर्मू ने स्कूल शिक्षिका से शुरुआत की। 1997 में रायरांगपुर नगर पंचायत की पार्षद बनीं, फिर ओडिशा विधानसभा पहुंचीं और मंत्री भी रहीं। 2015 में झारखंड की राज्यपाल बनीं और 2022 में राष्ट्रपति पद संभाला।
उनके निजी जीवन में अनेक दुख आए। 2009-2015 के बीच उन्होंने पति, दोनों बेटों, मां और भाई को खो दिया, लेकिन हार नहीं मानी और समाज सेवा में लगी रहीं।




