
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में भारत ने पाकिस्तान को ‘फ्रैंकस्टीन राज्य’ करार देते हुए उसकी आतंक नीति की जमकर आलोचना की है। भारत की स्थायी मिशन की प्रथम सचिव अनुपमा सिंह ने कहा कि पाकिस्तान आतंक को राज्य नीति के तौर पर पालता-पोसता है और जब उसी का राक्षस उस पर उल्टा वार करता है तो वह खुद को पीड़ित बताता है।
अनुपमा सिंह ने कहा, “यह वही देश है जहां रक्षा मंत्री आतंकियों को प्रशिक्षण और तैनाती देने की बात खुलेआम स्वीकार करते हैं, फिर भी पाकिस्तान खुद को आतंक का शिकार बताता है।”
भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में हालिया विरोध प्रदर्शनों पर पाकिस्तानी सेना की बर्बर कार्रवाई की भी निंदा की। अनुपमा सिंह ने कहा कि रावलाकोट में रोटी की मांग पर गोलियां चलाई गईं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और समस्या केवल पाकिस्तान के अवैध कब्जे की है।



