
सरूरपुर कलां गांव का एक पुराना मामला आखिरकार 26 साल बाद खत्म हो गया। वर्ष 1999 में धारा सिंह ने राजेंद्र समेत तीन लोगों पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा दर्ज कराया था।
शनिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीन्द्रपाल सिंह की अदालत में आरोपी बुजुर्ग राजेंद्र ने आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत ने उसे न्यायालय के उठने तक की सजा और 1000 रुपये का अर्थदंड लगाया। इसमें गाली-गलौज के लिए 300 रुपये और धमकी के लिए 700 रुपये शामिल हैं।
आरोपी राजेंद्र ने अदालत में कहा कि वह गरीब, वृद्ध और बीमार है तथा पहले भी जेल जा चुका है। उसने कम से कम सजा देने की गुहार लगाई। अदालत ने अर्थदंड जमा करने के बाद आरोपी को घर जाने की इजाजत दे दी।
पुलिस ने पहले चार्जशीट दाखिल कर दी थी, लेकिन लंबे समय तक आरोपी के न पेश होने पर गैरजमानती वारंट और मकान कुर्की की नोटिस जारी की गई थी।




