
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) को पूरी तरह वैध करार दिया है।
मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि SIR प्रक्रिया संवैधानिक रूप से वैध है और यह निष्पक्ष एवं स्वतंत्र चुनाव कराने के लक्ष्य को पूरा करने में मददगार है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि SIR को सिर्फ इसलिए रद्द नहीं किया जा सकता कि इसकी प्रक्रिया सामान्य पुनरीक्षण से अलग है।
यह फैसला 30 मई से शुरू हो रहे SIR के तीसरे और अंतिम चरण से ठीक पहले आया है, जिसमें 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों का सत्यापन किया जाएगा।



