
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में घरेलू दौरों के दौरान अपने काफिले का आकार 50 प्रतिशत तक घटाकर सादगी और संसाधनों के संतुलित उपयोग का एक बार फिर सशक्त संदेश दिया है। इस कदम को प्रधानमंत्री द्वारा सुरक्षा व्यवस्था से समझौता किए बिना उदाहरण पेश करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। खबरों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने वडोदरा और गुवाहाटी की अपनी हालिया यात्राओं के दौरान पिछली यात्राओं की तुलना में अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम कर दी। बताया जाता है कि यह निर्णय विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) द्वारा निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करते हुए लिया गया।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी के काफिले का आकार कम करने का कदम हैदराबाद में उनके भाषण के तुरंत बाद उठाया गया था। इस कदम को प्रशासनिक दक्षता, जनसुविधा और यातायात प्रबंधन के नजरिए से भी देखा जा रहा है। अक्सर, विशेष अतिथियों के आवागमन के दौरान लंबा जाम लग जाता है, जिससे आम नागरिकों को असुविधा होती है। इसके अलावा, ईंधन के विवेकपूर्ण उपयोग की अपील के बाद, प्रधानमंत्री ने स्वयं अपने काफिले का आकार कम करके एक सकारात्मक संदेश दिया है।




