
एयर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक (एमडी) कैंपबेल विल्सन ने कहा कि जेट ईंधन की कीमतों में वृद्धि और जारी हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों के कारण कई मार्गों पर उड़ानें अलाभकारी हो गई हैं, जिसके चलते एयर इंडिया जुलाई तक अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कटौती करने के लिए पूरी तरह तैयार है। कर्मचारियों को भेजे गए संदेश में विल्सन ने कहा कि जेट ईंधन की दरों में वृद्धि और कुछ हवाई क्षेत्रों के बंद होने से पहले से ही घाटे में चल रही एयरलाइन के लिए स्थिति बेहद कठिन हो गई है।
एयर इंडिया को वित्त वर्ष 2025-26 में 22,000 करोड़ रुपये से अधिक का घाटा हुआ। उन्होंने कहा, “हमने अप्रैल और मई के लिए कुछ उड़ानें कम कर दी हैं… जेट ईंधन की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है, जिसके साथ-साथ हवाई क्षेत्र बंद होने और उड़ान मार्गों के लंबे होने के कारण हमारी कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें अलाभकारी हो गई हैं। उन्होंने आगे कहा, “हमें अपने ग्राहकों की योजनाओं और हमारे कर्मचारियों के कार्यसूची में हुई बाधा के लिए बहुत खेद है, और हम आशा करते हैं कि मध्य पूर्व की स्थिति जल्द ही सामान्य हो जाएगी।



