
ईरान और इज़राइल (अमेरिका के साथ) के बीच जारी युद्ध गुरुवार को 13वें दिन में प्रवेश कर गया है। इसी बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने पद संभालने के बाद अपना पहला संदेश जारी किया। यह संदेश ईरानी राज्य टेलीविजन पर एक न्यूज एंकर द्वारा पढ़कर सुनाया गया, जिसमें मोजतबा खुद कैमरे पर नहीं दिखे।
मोजतबा खामेनेई को 8-9 मार्च 2026 को असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने सर्वसम्मति से सुप्रीम लीडर चुना था। उनके पिता आयतुल्लाह अली खामेनेई की 28 फरवरी को अमेरिका-इज़राइल हमलों में हत्या हो गई थी, जिसमें कई परिवारजन भी मारे गए थे। नियुक्ति के बाद मोजतबा सार्वजनिक रूप से नहीं दिखे, जिससे उनकी सेहत पर सवाल उठे थे (कुछ रिपोर्ट्स में चोट लगने की बात कही गई)।
संदेश की मुख्य बातें:
- युद्ध में मारे गए शहीदों का बदला लिया जाएगा, उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।
- होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखा जाएगा, इसे अमेरिका पर दबाव का अहम हथियार बताया।
- क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को तुरंत बंद किया जाए, वरना उन पर हमले होंगे।
- दुश्मनों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी; अगर नुकसान का मुआवजा नहीं मिला तो दुश्मन की संपत्ति से भरपाई या उतनी ही तबाही मचाई जाएगी।
यह संदेश युद्ध के चरम पर आया है, जहां ईरान ने हजारों मिसाइल-ड्रोन हमले किए हैं। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने युद्ध खत्म करने के लिए तीन शर्तें रखी हैं: ईरान के वैध अधिकारों की मान्यता, भविष्य में हमलों की गारंटी और नुकसान का मुआवजा।


