अमेठीउत्तर प्रदेश

एलपीजी संकट: बेटी की शादी से पहले अमेठी में पिता दिनभर लाइन में, फिर भी नहीं मिला सिलेंडर; लकड़ी के चूल्हे पर बनी मिठाई

उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में एलपीजी सिलेंडर की किल्लत ने आम लोगों की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित किया है। डेढ़ पसार गांव के रहने वाले रविंद्र नाथ तिवारी की बेटी की शादी 12 मार्च को है, लेकिन सिलेंडर न मिलने से तैयारियां ठप हो गईं।

पिता सुबह से शाम तक गैस एजेंसी पर लाइन में लगे रहे, काम छोड़कर इंतजार किया, लेकिन सिलेंडर नहीं मिला। हलवाई भी घंटों इंतजार के बाद मजबूरन लकड़ी के चूल्हे पर मिठाई बनाने को तैयार हुए। रविंद्र ने दर्द भरे लहजे में कहा कि “बेटी की शादी है, मेरी इज्जत दांव पर लगी है… सिलेंडर नहीं मिला तो क्या होगा?”

यह मामला घरेलू गैस संकट का जीता-जागता उदाहरण है, जो ईरान-अमेरिका युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट में बाधाओं से उपजा है। सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी है, बुकिंग अंतराल 25 दिन किया है ताकि होर्डिंग रुके। उत्पादन बढ़ाया जा रहा है, लेकिन कई इलाकों में डिलीवरी में देरी और लंबी कतारें आम हैं।

सरकार का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं, सप्लाई सुधार रही है और घरेलू यूजर्स को प्रभावित नहीं होना चाहिए। फिर भी शादी-ब्याह के सीजन में यह परेशानी बढ़ा रही है।

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