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मिनाब स्कूल हमला: शजारेह तय्येबा गर्ल्स स्कूल पर हमले में 170 से ज्यादा मौतें, अब तक क्या पता चला है?

28 फरवरी 2026 को ईरान पर अमेरिका-इज़राइल हमलों के पहले दिन दक्षिणी ईरान के मिनाब शहर में शजारेह तय्येबा एलीमेंट्री स्कूल (Shajareh Tayyebeh Elementary School) पर मिसाइल हमला हुआ, जिसमें 170 से ज्यादा लोग मारे गए—ज्यादातर 7-12 साल की स्कूली लड़कियां और कुछ टीचर। यह युद्ध का अब तक का सबसे खूनी सिविलियन हमला माना जा रहा है।

स्कूल IRGC (इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) के नेवल बेस के ठीक बगल में स्थित है। ईरानी अधिकारियों ने तुरंत अमेरिका-इज़राइल गठबंधन पर आरोप लगाया। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने X पर पोस्ट कर कहा कि “ये निर्दोष बच्चों के खिलाफ अपराध बिना जवाब दिए नहीं रहेंगे।”

क्या कहता है सबूत?
वीडियो फुटेज, सैटेलाइट इमेज और विशेषज्ञ विश्लेषण (जैसे Bellingcat, NYT, BBC Verify, CNN) से पता चलता है कि हमला अमेरिकी Tomahawk क्रूज मिसाइल से हुआ। फुटेज में IRGC बेस पर Tomahawk हिट दिख रहा है, और पास में स्कूल से धुआं उठता दिखा। मिसाइल के टुकड़े भी अमेरिकी Tomahawk से मैच करते हैं—ईरान या इज़राइल के पास ऐसी मिसाइल नहीं है।

अमेरिकी जांच में प्रारंभिक निष्कर्ष निकला है कि यह टारगेटिंग एरर था—पुरानी जानकारी के आधार पर स्कूल को अब भी मिलिट्री साइट समझा गया, जबकि सालों पहले यह अलग हो चुका था। US Central Command ने टारगेट लिस्ट अपडेट नहीं की।

अमेरिका और इज़राइल की प्रतिक्रिया
दोनों ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली। इज़राइल ने कहा कि उनके एयर फोर्स उस इलाके में ऑपरेट नहीं कर रहे थे। अमेरिका ने जांच शुरू की है, लेकिन प्रेसिडेंट ट्रंप ने शुरू में ईरान पर ब्लेम डाला (बिना सबूत), बाद में “पता नहीं” कहा। डिफेंस सेक्रेटरी ने कहा कि जानबूझकर सिविलियन टारगेट नहीं किया जाता।

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