
ईरान-अमेरिका (US-Israel vs Iran) युद्ध के कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है, लेकिन अब पहला भारत-गंतव्य क्रूड टैंकर सुरक्षित पहुंच गया है। लाइबेरिया फ्लैग वाला Shenlong Suezmax टैंकर सऊदी अरब के रास तनूरा पोर्ट से 1 मार्च को क्रूड लोड कर 3 मार्च को रवाना हुआ।
यह टैंकर 8 मार्च को जलडमरूमध्य से गुजरा और 10-11 मार्च को मुंबई पोर्ट पर पहुंचा, जहां यह ज्वाहर द्वीप पर बर्थ कर क्रूड डिस्चार्ज शुरू कर चुका है। टैंकर में लगभग 1,35,335 मीट्रिक टन (करीब 1 मिलियन बैरल) सऊदी क्रूड है, जो मुंबई के महुल रिफाइनरियों को जाएगा। भारतीय कप्तान सुक्षांत सिंह संधु के नेतृत्व में 29 क्रू मेंबर्स (भारतीय, पाकिस्तानी, फिलिपिनो) थे।
यह युद्ध शुरू होने के बाद पहला ऐसा केस है जहां नॉन-ईरानी क्रूड वाला टैंकर हॉर्मुज से सफलतापूर्वक गुजरा और भारत पहुंचा। युद्ध के कारण ट्रैफिक न्यूनतम हो गया है, शिपिंग रेट्स तीन गुना बढ़ गए हैं, और वैकल्पिक रूट्स पर दबाव है। कुछ जहाजों पर हमले भी हुए, लेकिन Shenlong ने सफल ट्रांजिट किया।



