
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोला है। इस बार उन्होंने आलू किसानों की गिरती कीमतों और उनकी बर्बादी को मुद्दा बनाया। अखिलेश ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट शेयर किया, जिसमें उन्होंने सरकार की किसान-विरोधी नीतियों की आलोचना की।
पोस्ट में अखिलेश ने लिखा: “आलू के दाम गिरे, किसान बर्बाद हो रहे हैं। किसानों की मांग की अनदेखी कर रही सरकार… भाजपा को सिर्फ अपनी सत्ता से मतलब है। किसान अपने ही खेत में मजदूर बने हैं।” उन्होंने भाजपा को “दल नहीं, दलाल” करार दिया। साथ ही, एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें सड़कों पर बड़ी मात्रा में आलू फेंका हुआ दिखाई दे रहा है, जो किसानों की मजबूरी को दर्शाता है।
यह पोस्ट ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश के कई इलाकों, खासकर आलू उत्पादक क्षेत्रों जैसे आगरा, फर्रुखाबाद और कन्नौज में किसान कम दामों के कारण परेशान हैं। किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और बेहतर बाजार व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा। अखिलेश का यह हमला 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले सपा की किसान-केंद्रित रणनीति का हिस्सा लगता है।
किसानों की यह समस्या नई नहीं है – गिरते दामों के कारण कई बार किसान अपना उत्पाद सड़कों पर फेंकने को मजबूर होते हैं। विपक्षी नेता इसे भाजपा की विफल कृषि नीतियों का उदाहरण बताते हैं। अखिलेश के इस पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, कुछ समर्थन कर रहे हैं तो कुछ राजनीतिक स्टंट बता रहे हैं।



