गणतंत्र दिवस पर BSF का ऐलान, पाकिस्तानी फौज को नहीं बांटेंगे मिठाई
नई दिल्ली। देश आज 69वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। बीते काफी सालों से अटारी-वाघा बॉर्डर पर निभाई जाने वाली परम्परा इस बार तोड़ दी जाएगी। भारतीय सेना इस दिन अटारी-वाघा बॉर्डर पर पाकिस्तानी रेंजर्स को मिठाई देकर इसे सेलिब्रेट करती थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा।
दरअसल, जिस तरह से पाकिस्तान लगातार सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है और भारतीय नागरिकों को टार्गेट कर रहा है, इससे तनाव बढ़ गया है। ऐसे में भारतीय सेना ने फैसला किया है कि वह इस बार पाकिस्तानी रेंजर्स के साथ मिठाई का एक्सचेंज नहीं करेगी।
गुरुवार को पाकिस्तानी रेंजर्स के साथ हुई फ्लैग मीटिंग के बाद ये फैसला लिया गया है। मालूम हो कि BSF और पाकिस्तानी रेंजर्स की रिपब्लिक डे, दिवाली, इंडिपेंडेंस डे और ईद पर मिठाइयों का आदान-प्रदान करने की परंपरा कई सालों से रही है।
सीजफायर के विरोध में कदम
BSF के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि इस बार हम पाकिस्तानी रेंजर्स के साथ मिठाईयों का आदान-प्रदान नहीं करेंगे। हालांकि उन्होंने विस्तार से इसके पीछे के कारण के बारे में नहीं बताया। उन्होंने बस ये कहा कि BSF का ये कदम पाकिस्तान की तरफ से बार-बार तोड़े जा रहे सीजफायर के विरोध में है।
राष्ट्रवाद विरोधियों को हासिल हो जाएगा लक्ष्य
वहीं इस मामले को लेकर इंडो-पाक फ्रेंडशिप सेक्रेटरी दीपकाल वालिया ने कहा कि “हालांकि, LOC पर देशों के बीच तनाव बढ़ रहा है, यह सुनकर बहुत दुखी हूं कि, सीमा पर सैनिकों ने मिठाई का आदान-प्रदान नहीं करने का फैसला लिया है। यह हमारी परंपरा है, जिसका अनुसरण करना चाहिए। ” उन्होंने आगे कहा कि यदि BSF और पाकिस्तानी रेंजरों ने इस तरह की शांति कदमों का पालन करना बंद कर दिया है, तो राष्ट्रवाद विरोधियों का जो लक्ष्य है वो उन्हें प्राप्त हो जाएगा।
BSF का सराहनीय कदम
सोशल एक्टिविस्ट हरिकृष्णन अरोरा ने कहा कि BSF का ये एक सराहनीय कदम है कि उन्होंने पाकिस्तानी रेंजरों के साथ मिठाई का आदान-प्रदान नहीं करने का फैसला लिया है। क्योंकि पाकिस्तान लगातार सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है।
गुरुवार को हुई फ्लैग मीटिंग
गौरतलब है कि भारत-पाकिस्तान के सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच गणतंत्र दिवस से ठीक एक दिन पहले गुरुवार को पाकिस्तानी रेंजर्स और बॉर्डर सिक्युरिटी फोर्स (BSF) के बीच फ्लैग मीटिंग हुई। इस फ्लैंग मीटिंग में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जम्मू सेक्टर में BSF के DIG पीएस धीमान ने किया, जबकि सियालकोट के चेनाब रेंजर्स में सेक्टर कमांडर ब्रिगेडियर अमजद हुसैन ने पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल में विंग कमांडर समेत 10 अधिकारी शामिल रहे, जबकि भारतीय प्रतिनिधिमंडल में पांच अधिकारी शामिल रहे।
साभार: दैनिक भास्कर