सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी बिल को नाईक की हरी झंडी

Rलखनऊ। राज्यपाल राम नाईक से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की दो दिन पहले की मुलाकात का असर दिखने लगा है। राज्यपाल राम नाईक ने सैफई मेडिकल विश्वविद्यालय बिल पास किया। प्रदेश सरकार के बिल को गवर्नर की मंजूरी मिलने के बाद मुख्यमंत्री मेडिकल यूनिवर्सिटी के पदेन चांसलर होंगे। राज्यपाल राम नाईक के बिल को मंजूरी देने के बाद से अब सैफई में चिकित्सा विश्वविद्यालय बनने का रास्ता साफ हो गया है।
यह बिल कुलपति पद को लेकर असहमति के चलते रुका था। मुख्यमंत्री की गवर्नर से मुलाकात का असर शुरू हो गया है। राज्यपाल ने उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई, इटावा, विधेयक, २०१५ को मंजूरी दे दी है। इसके बाद भी अभी राजभवन में छह और विधेयक लंबित हैं। इनमें महापौरों के अधिकारों में कटौती करने संबंधी उत्तर र्पदेश नगर निगम (संशोधन) विधेयक, २०१५ के अलावा उत्तर र्पदेश नगरपालिका विधि (संधोधन) विधेयक, २०१५, उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग (संशोधन) विधेयक, २०१५, डॉ० राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान विधेयक, २०१५ , उत्तर प्रदेश लोक आयुक्त एवं उप लोक आयुक्त (संशोधन) विधेयक, २०१५ तथा आईआईएमटी विश्वविद्यालय, मेरठ, उत्तर प्रदेश विधेयक, २०१६ हैं। दो दिन पहले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद राज्यपाल राम नाईक ने विधायकों पर एक सप्ताह में निर्णय करने का संकेत किया था। सैफई मेडिकल बिल को लेकर सपा प्रमुख मुलायम सिंह भी राज्यपाल से मिले थे।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय से संबद्ध संस्थान को विश्वविद्यालय का दर्जा देने के लिए आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई विधेयक-२०१५ बीते वर्ष राज्यपाल को भेजा था जिसमें विश्वविद्यालय का कुलाधिपति मुख्यमंत्री को बनाने की बात थी। कुलाधिपति के बिन्दु पर ही एतराज जताते हुए राज्यपाल राम नाईक ने अब तक विधेयक को रोक रखा था। विधेयक को मंजूरी दिलाने के लिए राज्यपाल से पूर्व में जहां सपा र्पमुख मुलायम सिंह यादव मिले थे वहीं दो दिन पहले दूसरी बार मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी राज्यपाल से मिले थे। (हिफी)

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