बुधवार , जुलाई 18 2018

15 अगस्त के दिन मदरसों को झंडा फहराना जरुरी, आम स्कूलों को मिली छूट

मदरसालखनऊ। यूपी के मदरसा एजुकेशन बोर्ड ने राज्य के सभी मदरसों को 15 अगस्त से पहले बड़ी हिदायत दी है। दरअसल, मदरसा एजुकेशन बोर्ड ने सभी मदरसों को 15 अगस्त के उपलक्ष पर आयोजित सभी कार्यकर्मों का सुबूत देने का आदेश दिया है। बोर्ड ने ये सुबूत विडियो रिकॉर्डिंग के रूप में मांगा है। बोर्ड के आदेश के अनुसार मदरसों को यह फुटेज प्रदेश अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधिकारियों को भेजना है।

आपको बता दें कि मदरसा एजुकेशन बोर्ड का ये फरमान सिर्फ मदरसों पर ही लागू होगा, सरकारी स्कूलों को इस आदेश से अलग रखा गया है। राज्य के बेसिक एजुकेशन डिपार्टमेंट ने सरकारी विद्यालयों को इस व्यवस्था में छूट दी है।

मदरसा एजुकेशन बोर्ड के इस आदेश के तहत जहां मदरसों को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने यहां आयोजित होने वाले कार्यक्रमों का सबूत देना होगा, वहीं सरकारी स्कूलों पर ऐसा कोई नियम लागू नहीं किया गया है।

बेसिक एजुकेशन बोर्ड के सचिव संजय सिन्हा ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा, ‘हमें अपने स्कूलों पर भरोसा है। वे हमारे शिक्षक हैं, हमारे छात्र हैं। हम उनसे क्यों कोई सबूत लेंगे?’ सिन्हा द्वारा जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारियों को जारी किए गए पत्र में कहा गया है कि सभी स्कूलों में 15 अगस्त को सुबह 8 बजे आजादी के 70 सालों का जश्न मनाया जाएगा। पत्र में दिए गए निर्देशों के मुताबिक, सभी स्कूलों को ध्वजारोहण और राष्ट्रगान गाकर स्वतंत्रता दिवस की वर्षगांठ मनाने का आदेश दिया गया है।

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सभी स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे इस मौके पर छात्रों और उनके अभिभावकों के साथ मिलकर स्वच्छता अभियान चलाएं। साथ ही, स्कूलों से यह भी कहा गया है कि वे छात्रों को स्वतंत्रता संग्राम और क्रांतिकारियों व स्वतंत्रता सेनानियों के योगदानों के बारे में जानकारी दें। स्कूलों से कहा गया है कि वे इस अवसर पर सांस्कृतिक व खेल कार्यक्रमों का आयोजन करें। ये कार्यक्रम राष्ट्रीय एकता और वृक्षारोपण की तर्ज पर केंद्रित होने चाहिए। बोर्ड ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे इस अवसर पर सभी छात्रों और कर्मचारियों में मिठाई का भी वितरण करें।

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उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने मदरसों में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रमों की विडियो रिकॉर्डिंग कराए जाने के अपनी सरकार के फैसले का बचाव किया। राज्य सरकार के इस फैसले की आलोचनाओं पर प्रतिक्रिया करते हुए उन्होंने कहा, ‘यह एक ऐसा मौका है जब देश के हर नागरिक को एक आवाज में मिलकर राष्ट्रगान गाना चाहिए। मुझे समझ नहीं आता कि किसी भी इंसान को इससे क्या आपत्ति हो सकती है।’ दिनेश शर्मा ने आगे कहा, ‘प्रदेश के उलेमाओं ने कहा कि कई जगहों पर राष्ट्रगान गाया गया। पहले जिन जगहों पर राष्ट्रगान नहीं गाया जा रहा था, वहां भी इस बार गाया जाएगा। देश में स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस सभी धर्मों के लोगों द्वारा मनाया जाना चाहिए।’

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