11 दिन बाद खौफ से मुक्ति, 1000 छात्र घर रवाना

एजेंसी/l_uu-1460407625राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) श्रीनगर से सोमवार को एक हजार से ज्यादा गैर कश्मीरी छात्र परीक्षा छोड़ अपने घरों को रवाना हो गए। प्रशासन ने उन्हें सुरक्षा भी नहीं दी। हद तो तब हो गई जब उनसे अंडरटेकिंग ली गई।

छात्रों से लिखवाया गया कि वे अपने रिस्क पर जा रहे हैं। बाहर यदि कोई घटना हुई तो प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं होगी। अभी भी वहां 200 गैर कश्मीरी छात्र रुके हुए हैं।

राजस्थान के छात्र भी रवाना

एनआईटी से रवाना हुए छात्रों में देश के सभी राज्यों के छात्र हैं। राजस्थान के सभी अभिभावक अपने बच्चों के साथ सम्पर्क में हैं। छात्रों को जम्मू तक भेजने के लिए कैम्पस में प्रशासन ने ही टैक्सियां मंगवाई थी। हालांकि इनका भुगतान खुद छात्रों ने किया है। कुछ छात्र विमान से भी दिल्ली के लिए रवाना हुए हैं।

सुरक्षा नदारद

छात्रों ने बताया कि श्रीनगर से वे प्राइवेट चौपहिया वाहनों में रवाना हुए हैं। उन्हें किसी प्रकार की सुरक्षा नहीं दी गई है। छात्रों का कहना है कि जब पिछले सप्ताह केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधिकारी परिसर में आए थे तो आश्वस्त किया था कि उन्हें जम्मू तक सुरक्षित पहुंचाया जाएगा। जबकि एेसा कुछ भी नहीं हुआ।

बताएंगे कैंपस का सच

पीड़ि़त छात्रों ने बताया कि वे मंगलवार को जम्मू में मीडिया से मिलना चाहते हैं। मीडिया के सामने वे एनआईटी में पिछले 11 दिन से चले घटनाक्रम की जानकारी देंगे। उन्होंने बताया कि श्रीनगर में मीडिया से बात नहीं करने दी गई इसलिए देश के सामने सच नहीं आ पाया। वहीं बुधवार को छात्र दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे।

परीक्षा टलने के संकेत

एनआईटी में सोमवार से ही परीक्षाएं शुरू हुई हैं। बड़ी संख्या में छात्रों के शामिल नहीं होने के कारण परीक्षा टलने के संकेत हैं। हालांकि मानव संसाधन विकास मंत्रालय पहले की कह चुका है कि छात्र चाहें तो बाद में परीक्षा दे सकते हैं।

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