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बादशाहत तय, रूस दुनिया को दिखाएगा परमाणु ट्रेन की ताकत

न्यूक्लियर ट्रेननई दिल्ली : भारत के दोस्त रूस ने दुनिया का सबसे ताकतवर देश बनने की तरफ कदम बढ़ा दिए हैं। यह कोई रिपोर्ट नहीं बल्कि रूसी सेना की तैयारियों की तस्वीर है। रूस ने तीसरे विश्व युद्ध की तैयारी के नजरिए से पोलैंड से लगे बॉर्डर पर रोबोट टैंक उतार दिए हैं। वहीं, कई यूरोपीय देश अपने यहां अनिवार्य सैन्य सेवा का नियम लगाने जा रहे हैं।

रूस की बढ़ती ताकत भारत के लिए अच्छे संकेत माने जा रहे हैं। अब तक रूस ने भारत की सैन्य क्षमता में इजाफा करने में काफी मदद की है। अगर रूस के नए हथियार भारत को मिले तो एशिया में भारत और दुनिया पर उसके दोस्त रूस की बादशाहत तय हो जाएगी।

रूस ने पोलैंड की सीमा पर ‘रोबोट टैंक’ तैनात के साथ ही परमाणु ट्रेन से मिसाइल दागकर नाटो को अपनी ताकत का अहसास करा दिया है। रूस ने हाइपरसोनिक न्यूक्लियर मिसाइल का भी परीक्षण किया है, जो 13 मिनट में ब्रिटेन पहुंच जाएगी। एंटी-शिप मिसाइलें प्रशांत महासागर में रूस की तरफ से विवादित कुरील द्वीप पर तैनात किए जाने के बाद जापान की भौहें तन गई हैं।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर ने नाटो देशों के बीच अपना रुतबा बनाए रखने के इरादे से हाई स्पीड ‘न्यूक्लियर ट्रेन’ का सफल परीक्षण किया। इस परमाणु ट्रेन से मिसाइल हमले भी किए जा सकते हैं। ट्रेन में मिसाइलें, लॉन्चर और कमांड यूनिट होगी। जरूरत पड़ने पर इस बारगुजेन मिसाइल सिस्टम ट्रेन के कुछ खास डिब्बों की छत खुल जाएगी और चलती ट्रेन से मिसाइलें दागी जा सकती हैं।

पोलैंड से लगे बॉर्डर पर रूस ने जो रोबोट टैंक तैनात किए हैं, उसमें लगे रडार और सेंसर की मदद से सेना छह मील दूर से भी हर गतिविधि पर नजर रख सकेगी। इसमें चार रॉकेट लॉन्‍चर लगे हैं, जिसे सेना अपने केंद्र से ही संचालित कर सकेगी। यह दुश्मन को सेना के एक इशारे पर  निशाना बनाएंगे।

वहीं, रूस की न्यूक्लियर ट्रेन देखने में आमतौर पर सामान्य यात्री टेनों या मालगाड़ी की तरह लगती है। लेकिन कहीं भी किसी भी वक्त हमला करने में सक्षम है। यह ट्रेन 6 बैलेस्टिक मिसाइलें और लांचर ले जा सकती है। 2 हफ्ते पहले प्लेस्टेस्क कास्मोड्रोम में हुए इस ट्रेन के परीक्षण सफल रहे है। परीक्षणों के बाद परमाणु ट्रेनों की 2018 से तैनाती मिल सकती हैं। तनाव को देखते हुए इस सिस्टम को 20-25 साल इस्तेमाल में लाया जाएगा।

रूस के पास अभी ऐसी 12 न्यूक्लियर ट्रेन हैं और हर ट्रेन में छह-छह RS-24 Yars परमाणु मिसाइलें तैनात हैं। हर मिसाइल में 250 किलोटन के चार-चार वॉरहेड हैं जो 6,800 मील की दूरी तक मार करने में सक्षम है। इस ट्रेन की लोकेशन का अंदाजा लगाना दुश्मनों के लिए नामुमकिन होगा।

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